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Last Updated May - 11 - 2026, 01:30 PM | Source : Fela News
PM Narendra Modi On WFH: पेट्रोल-डीजल बचाने की पीएम मोदी की अपील के बाद देशभर में नई बहस शुरू हो गई है. अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या नेता और अधिकारी भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाएंगे?
पश्चिम एशिया में जारी जंग और बढ़ते ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का संयमित इस्तेमाल करने की अपील की है. इसके बाद अब देशभर में एक नई बहस शुरू हो गई है. सवाल उठ रहा है कि क्या आम लोगों के साथ-साथ नेता और सरकारी अधिकारी भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाएंगे और लंबे VIP काफिलों पर रोक लगेगी?
तहसीन पूनावाला ने उठाया बड़ा सवाल
कांग्रेस समर्थक तहसीन पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री की अपील का जिक्र करते हुए नेताओं और सरकारी अधिकारियों को लेकर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि अगर जनता से ईंधन बचाने और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने को कहा जा रहा है, तो क्या मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के लंबे-लंबे काफिले भी कम होंगे?
उन्होंने लिखा कि सभी सरकारी अधिकारियों और नेताओं को भी सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करना चाहिए. उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है. कई लोग इसे सही कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे सुरक्षा कारणों से मुश्किल मान रहे हैं.
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना में लगभग 9,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में पेट्रोलियम उत्पादों का विवेकपूर्ण इस्तेमाल बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि भारत को आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करनी होगी ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो और युद्ध जैसे संकटों का असर कम पड़े.
पीएम मोदी ने कहा कि देश को ऊर्जा सुरक्षा के लिए नई आदतें अपनानी होंगी. उन्होंने लोगों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कार पूलिंग और वर्क फ्रॉम होम जैसे विकल्पों को प्राथमिकता देने की अपील की.
PM मोदी की 10 बड़ी अपीलें
प्रधानमंत्री ने लोगों से पेट्रोल-डीजल और गैस का सीमित इस्तेमाल करने को कहा. उन्होंने मेट्रो और रेलवे जैसे सार्वजनिक परिवहन को अपनाने पर जोर दिया. साथ ही कार पूलिंग और ऑनलाइन मीटिंग्स को बढ़ावा देने की बात कही.
उन्होंने लोगों से एक साल तक गैर-जरूरी विदेश यात्राएं, डेस्टिनेशन वेडिंग और सोने की खरीदारी टालने की भी अपील की. पीएम मोदी ने खाने के तेल और रासायनिक खाद के इस्तेमाल में कटौती करने की सलाह देते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही.
ऊर्जा संकट के बीच बढ़ी चिंता
अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में अस्थिरता के कारण दुनियाभर में तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. ऐसे में भारत जैसे बड़े आयातक देश पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है. यही वजह है कि सरकार अब ऊर्जा बचत को राष्ट्रीय जिम्मेदारी के तौर पर पेश कर रही है.
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