Last Updated Apr - 09 - 2026, 11:42 AM | Source : Fela News
महिला आरक्षण बिल पर पीएम मोदी का लेख, बताया क्यों जरूरी फैसला; बोले- अब टालना संभव नहीं, महिलाओं को अधिकार देने का सही समय, देश की राजनीति में बड़ा बदलाव तय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर एक विस्तृत लेख लिखते हुए साफ कर दिया है कि अब इस फैसले को और टाला नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि विधानसभाओं और संसद में महिलाओं को आरक्षण देना समय की मांग है, जिससे भारतीय लोकतंत्र और अधिक मजबूत, सहभागी और प्रतिनिधिक बनेगा।
पीएम मोदी ने अपने लेख में जोर देते हुए कहा कि भारत 21वीं सदी के एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है, जहां समानता, समावेशन और जनभागीदारी को नई दिशा देने का समय आ गया है। उनके मुताबिक, संसद का यह कदम देश की करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला होगा और राजनीतिक व्यवस्था में उनकी भागीदारी को नई ताकत देगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ एक विधेयक नहीं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को अधिक संतुलित और संवेदनशील बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पीएम के अनुसार, जब महिलाएं निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा बनती हैं, तो शासन की गुणवत्ता बेहतर होती है और समाज में संतुलन आता है।
अपने लेख में पीएम मोदी ने देशभर में आने वाले त्योहारों का जिक्र करते हुए इसे सकारात्मक बदलाव का समय बताया। उन्होंने कहा कि असम का बिहू, बंगाल का पोइला बैशाख, केरल का विषु और उत्तर भारत की बैसाखी जैसे पर्व नई उम्मीद और ऊर्जा लेकर आते हैं—ऐसे में यह ऐतिहासिक फैसला और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले और डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सामाजिक न्याय और समानता के उनके विचार आज भी देश को दिशा दे रहे हैं। इसी भावना के साथ संसद में महिला आरक्षण बिल पर विशेष चर्चा और पारित करने की तैयारी की जा रही है।
पीएम मोदी ने यह भी स्वीकार किया कि वर्षों से प्रयासों के बावजूद महिलाओं का प्रतिनिधित्व उनकी वास्तविक भूमिका के अनुरूप नहीं बढ़ पाया है। ऐसे में इस कमी को दूर करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना केवल प्रतिनिधित्व का मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतंत्र को अधिक उत्तरदायी और समावेशी बनाने का प्रयास है।
उन्होंने 2029 के लोकसभा और आने वाले विधानसभा चुनावों को महिला आरक्षण के प्रावधानों के साथ कराने की जरूरत भी बताई। साथ ही सभी राजनीतिक दलों से इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करने की अपील की।
अंत में पीएम मोदी ने साफ कहा—यह किसी एक सरकार या दल का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का विषय है। अब समय आ गया है कि दशकों से लंबित इस फैसले को लागू कर देश की नारी शक्ति को उसका अधिकार दिया जाए।
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