Last Updated Mar - 28 - 2026, 12:45 PM | Source : Fela News
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। वहीं 29 मार्च को अखिलेश यादव दादरी में रैली करेंगे, जिसे सियासी ताकत का प्रदर्शन माना जा रहा है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले 24 घंटे सियासी रूप से बेहद अहम माने जा रहे हैं। एक तरफ आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे, वहीं अगले दिन 29 मार्च को दादरी में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बड़ी रैली प्रस्तावित है। इन दोनों कार्यक्रमों को राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है
जेवर में होने वाला कार्यक्रम केवल एयरपोर्ट उद्घाटन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे विकास के बड़े संदेश के रूप में पेश किया जा रहा है। प्रधानमंत्री इस दौरान एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। सरकार इस मंच के जरिए निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को लेकर अपनी उपलब्धियां गिनाने की तैयारी में है।
दूसरी ओर, अगले ही दिन दादरी में अखिलेश यादव की रैली होने जा रही है। समाजवादी पार्टी इस रैली को पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) थीम पर आयोजित कर रही है। इस मंच से पार्टी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने और स्थानीय मुद्दों को सामने लाने की रणनीति पर काम कर रही है। माना जा रहा है कि अखिलेश यादव अपने भाषण में जमीन, मुआवजा, रोजगार और क्षेत्रीय भागीदारी जैसे मुद्दों को उठाएंगे।
दोनों कार्यक्रमों में विकास बनाम जमीनी हकीकत की सियासत देखने को मिलेगी। जहां एक तरफ भाजपा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के जरिए विकास का दावा करेगी, वहीं विपक्ष इन्हीं परियोजनाओं को आधार बनाकर जनता से जुड़े मुद्दों को उठाएगा।
पश्चिमी यूपी में गुर्जर समुदाय का खास प्रभाव है, ऐसे में सभी दल इस वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी जहां पीडीए समीकरण पर जोर दे रही है, वहीं भाजपा विकास के एजेंडे के साथ सभी वर्गों को जोड़ने की रणनीति अपना रही है।
इन दोनों आयोजनों में भीड़ जुटाना और संगठन की ताकत दिखाना भी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह टकराव सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले चुनावी माहौल की दिशा भी तय कर सकता है।
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