Last Updated Nov - 05 - 2025, 12:08 PM | Source : Fela News
रैलियों, सोशल मीडिया अभियान और बड़े नेताओं के साथ बिहार का पहला चरण प्रचार खत्म हुआ.
मंगलवार की शाम होते-होते बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 121 सीटों पर प्रचार का शोर थम गया। इस चरण में 3.75 करोड़ से ज्यादा वोटर 1,314 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। इसके लिए 45,341 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
पहले चरण का प्रचार रैलियों और रोड शो से भरा रहा — लंबी गाड़ियों के काफिले, नेताओं के भाषण, मीडिया कैमरों की भीड़ और पार्टी कार्यकर्ताओं का जोश हर जगह दिखा। सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी इंडिया गठबंधन ने मतदाताओं को लुभाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी।
वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों की मौजूदगी हर मंच पर नजर आई, जिससे यह साफ था कि इस चुनाव में दांव बड़ा है। सोशल मीडिया पर भी युद्ध जैसा माहौल रहा — भोजपुरी में रील, मीम्स, डेटा बेस्ड कैंपेन और नए वोटरों के लिए आखिरी अपीलें लगातार चलती रहीं।
चुनावी माहौल में कई स्थानीय विवाद भी छाए रहे — किसी कार्यकर्ता की हत्या, “जंगलराज” के आरोप, उम्मीदवारों की गिरफ्तारी और छठ पूजा को लेकर बयानबाजी ने माहौल को और गर्म रखा।
अब प्रचार खत्म होने के साथ ही मतदाता अपने फैसले की तैयारी में हैं। मतदान अधिकारी और बूथ स्तर का स्टाफ वोटिंग डे के लिए तैयारियों में जुटा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह चरण, जो आधे से ज्यादा इलाकों को कवर करता है, पूरे चुनाव की दिशा तय करेगा।
एनडीए को उम्मीद है कि वह 160 से ज्यादा सीटें जीतकर अपनी स्थिति दोहराएगा या और बेहतर करेगा। अब सबकी नजर वोटिंग वाले दिन पर है — सवाल यह है कि इतने प्रचार के बाद क्या मतदाता वैसे ही वोट करेंगे, जैसी उम्मीद पार्टियों को है?
ये भी पढ़ें-