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पहलगाम हमले पर प्रियंका गांधी का सवाल: ‘सरकार की जिम्मेदारी तय हो’

पहलगाम हमले पर प्रियंका गांधी का सवाल: ‘सरकार की जिम्मेदारी तय हो’

Last Updated Jul - 29 - 2025, 04:43 PM | Source : Fela News

संसद में प्रियंका गांधी ने पहलगाम हमले को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लोग सरकार के भरोसे यात्रा पर गए थे, तो चूक की जिम्मेदारी किसकी है
पहलगाम हमले पर प्रियंका गांधी का सवाल
पहलगाम हमले पर प्रियंका गांधी का सवाल

लोकसभा के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ बहस के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के रहस्य और सुरक्षा तैयारी पर गहरी नाराज़गी जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार ने इलाके को ‘आतंक-मुक्त’ बताया था, तो आखिर ऐसे भयावह हमला क्यों हुआ?

प्रियंका गांधी ने लोकसभा में केंद्र सरकार पर शिन खाई की—कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से विमुख होने की कोशिश की है। उनके तीखे सवाल और आरोप बहस का केंद्र बने हुए हैं।

उनके प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

सरकार ने सुरक्षाबलों को जब्त नहीं रखा’:

   कांग्रेस सांसद ने पूछा, “22 अप्रैल को Pahalgam हमले से पहले कोई सुरक्षा एजेंसी क्यों मुस्तैद नहीं थी? या फिर उन्हें हटाया दिया गया था?” उनका स्पष्ट सवाल था—क्या नागरिकों की सुरक्षा प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी नहीं है?  

   उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के LG मनोज सिन्हा ने दो हफ्ते पहले इस घटना को “सुरक्षा विफलता” बताया था, लेकिन उसके बावजूद कोई जवाबदेही तय नहीं की गई। प्रियंका ने पूछा कि क्या गृह मंत्री ने इस्तीफा दिया या इंटेलिजेंस चीफ़ को चेताया?  

तार्किक बहस की जगह भावनात्मक मोड़?:

   प्रियंका ने अमित शाह की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने भाषण में इतिहास, Nehru-Gandhi परिवार और उनकी मां की ख़ानदानी भावनाओं का ज़िक्र किया, परंतु Pahalgam हमले की मूल घटना—"कैसे हुआ और क्यों हुआ"—इसपर एक शब्द नहीं बोला।  

हमारी पहचान Bharatiyan थी, Hindu नहीं’:

   प्रियंका गांधी ने लोकसभा में कुछ सांसदों के “Hindus थे जो मारे गए” के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, "वे सभी Bharatiya थे। उस घटना को धार्मिक रंग देना राष्ट्रीय भावना के खिलाफ है."  

प्रियंका गांधी के इस हमले ने स्पष्ट किया कि Pahalgam आतंकी घटना सिर्फ आतंकवाद नहीं थी, बल्कि खुफिया और प्रशासनिक तंत्र की गहरी चूक थी। उनकी मांग है—कोई ज़िम्मेदार उतर आए, पारदर्शिता हो और भविष्य के लिए सुरक्षा को मजबूत किया जाए।

 

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