Last Updated Nov - 05 - 2025, 03:46 PM | Source : Fela News
राहुल गांधी के ‘हाइड्रोजन बम’ बयान से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं। अब सबकी नजर बिहार और बंगाल चुनाव पर टिकी है।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का 'हाइड्रोजन बम' बयान अब सियासी गलियारों में गूंज बन चुका है। हरियाणा में वोट चोरी के आरोप लगाते हुए उन्होंने जो तीखे शब्द कहे, उसके बाद विपक्षी दलों में जोश तो दिखा, लेकिन अब सवाल ये है कि क्या इस बयान का असर बिहार और बंगाल जैसे बड़े चुनावी राज्यों पर भी पड़ेगा।
राहुल गांधी ने कहा था कि "देश में लोकतंत्र नहीं बचा, बल्कि यहां वोट चोरी और जनता के अधिकारों की लूट चल रही है।" कांग्रेस नेता का ये बयान सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ और समर्थकों ने इसे “जनता की आवाज” बताया। वहीं भाजपा ने इसे “ड्रामेबाजी” करार देते हुए कहा कि राहुल गांधी को अपनी हार का बहाना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का ये आक्रामक रुख कांग्रेस की नई रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वे खुद को “सिस्टम के खिलाफ आवाज” के रूप में पेश करना चाहते हैं। लेकिन असली परीक्षा बिहार और बंगाल जैसे राज्यों में होगी, जहां जनता सिर्फ नारों से नहीं बल्कि स्थानीय मुद्दों पर वोट देती है।
इस बीच SIR (Students In Revolution) आंदोलन में शामिल युवाओं ने भी राहुल के बयान का समर्थन किया है, जिससे विपक्ष को कुछ नैरेटिव बढ़त मिलती दिख रही है। अब देखना यह है कि यह ‘हाइड्रोजन बम’ केवल बयानबाजी तक सीमित रहता है या वाकई आने वाले चुनावों में राजनीतिक समीकरण बदल देता है।
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