Last Updated Feb - 19 - 2026, 11:34 AM | Source : Fela News
I-PAC रेड मामले में सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस देखने को मिली। एएसजी ने कहा ED को हथियार नहीं बनाया गया, बल्कि एजेंसी को डराने की कोशिश हुई।
I-PAC रेड मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच तीखी बहस सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने अदालत में कहा कि ED को राजनीतिक हथियार बनाए जाने का आरोप गलत है, बल्कि एजेंसी को ही डराने की कोशिश की गई है।
बताया जा रहा है कि मामला इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी से जुड़े छापे और उसके बाद की घटनाओं से संबंधित है। सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल पुलिस के एक अधिकारी की ओर से लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए ASG राजू ने कहा कि ED ने कानून के दायरे में कार्रवाई की है। उनके मुताबिक एजेंसी को “weaponize” नहीं किया गया, बल्कि उसे “terrorize” करने का प्रयास हुआ।
इस बीच अदालत में यह भी कहा गया कि जांच एजेंसी पर दबाव बनाने और कार्रवाई को प्रभावित करने की कोशिशें की गईं। राजू ने जोर देकर कहा कि ED केवल अपने वैधानिक अधिकारों के तहत काम कर रही है और इसे राजनीतिक विवाद का हिस्सा बनाना उचित नहीं है।
वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश पक्ष में एजेंसी की कार्रवाई और प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए गए। मामले को राज्य सरकार और केंद्र की एजेंसी के बीच टकराव के रूप में भी देखा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार यह विवाद उस समय सामने आया जब ED की टीम राज्य में जांच से जुड़ी कार्रवाई कर रही थी।
सूत्रों के मुताबिक अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और मामले के विभिन्न पहलुओं पर प्रश्न भी किए। इस दौरान जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली, अधिकार क्षेत्र और राज्य पुलिस की भूमिका जैसे मुद्दे चर्चा में रहे।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच ममता बनर्जी की सरकार और केंद्रीय एजेंसियों के बीच पहले से चल रहे तनाव का संदर्भ भी सामने आया। हालांकि अदालत में मुख्य बहस जांच प्रक्रिया और आरोपों की वैधता पर केंद्रित रही।
फिलहाल मामले की सुनवाई जारी है और आगे की कार्यवाही पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है। अदालत के आगामी निर्देशों से इस विवाद की दिशा तय होने की संभावना जताई जा रही है।
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