Last Updated Feb - 23 - 2026, 04:58 PM | Source : Fela News
भारतीय वायुसेना के तेजस फाइटर जेट हादसे के बाद लागत चर्चा में। एक विमान की कीमत और नुकसान को लेकर जानकारी सामने आई।
भारतीय वायुसेना के तेजस लड़ाकू विमान से जुड़े हालिया हादसे के बाद इसकी लागत और संभावित नुकसान को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस की कीमत काफी अधिक होती है, जिसके कारण किसी भी दुर्घटना को बड़ा वित्तीय नुकसान माना जाता है।
सूत्रों के मुताबिक, भारतीय वायुसेना के लिए तैयार किया जाने वाला HAL तेजस एक आधुनिक मल्टीरोल फाइटर जेट है, जिसे देश में ही विकसित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इस विमान में अत्याधुनिक एवियोनिक्स, हथियार प्रणाली और कॉम्बैट क्षमता शामिल होती है, जिसके कारण इसकी लागत भी अधिक होती है।
बताया जा रहा है कि एक तेजस विमान की कीमत अलग-अलग वेरिएंट और उपकरणों के आधार पर बदल सकती है, लेकिन यह सैकड़ों करोड़ रुपये के स्तर पर होती है। इस बीच विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी फाइटर जेट दुर्घटना में केवल विमान ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े उपकरण, प्रशिक्षण और ऑपरेशनल लागत का भी नुकसान होता है।
वहीं दूसरी ओर अधिकारियों के मुताबिक विमान हादसों की जांच के लिए मानक प्रक्रिया अपनाई जाती है, ताकि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा और तकनीकी सुधार लगातार किए जाते हैं।
बताया जा रहा है कि तेजस परियोजना भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है। इस परियोजना का उद्देश्य विदेशी निर्भरता कम करना और घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना है।
इस बीच संबंधित हादसे के बाद नुकसान के आकलन और जांच प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम जानकारी स्पष्ट हो सकेगी।
यह भी पढ़े