Last Updated Nov - 13 - 2025, 05:53 PM | Source : Fela News
पुणे में तेंदुए की दहशत से लोग सहमे हैं। ग्रामीणों ने सुरक्षा के लिए अनोखा जुगाड़ निकाला—घरों के बाहर टिन के ड्रम और लाइट लगाकर शोर से तेंदुए को भगाने की कोशिश।
महाराष्ट्र के पुणे जिले में तेंदुओं के बढ़ते हमलों से लोग इतने परेशान हो चुके हैं कि अब उन्होंने खुद ही एक अनोखा तरीका खोज लिया है। यहां के ग्रामीण अब अपने शरीर पर नुकीली कीलों वाली पट्टियां पहनकर बाहर निकल रहे हैं, ताकि तेंदुआ हमला करने से पहले ही पीछे हट जाए।
पुणे के जंगलों और उसके आस-पास के गांवों में हाल के दिनों में तेंदुओं की संख्या बढ़ गई है। कई बार ये जंगली जानवर रात में खेतों या घरों के पास पहुंच जाते हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। प्रशासन और वन विभाग की कोशिशों के बावजूद तेंदुए अक्सर आबादी वाले इलाकों में घूमते नजर आते हैं।
ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा के लिए जो जुगाड़ निकाला है, वह काफी अलग है। वे अपने कंधों और पीठ पर नुकीली कीलों की पट्टियां पहनते हैं, ताकि अगर तेंदुआ पीछे से झपटे तो उसे चोट लगे और वह भाग जाए। कुछ लोग अपने पालतू जानवरों के गले में भी इसी तरह की सुरक्षात्मक पट्टियां लगा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह तरीका भले असामान्य लगे, लेकिन इससे अब तक कई हमलों से जान बची है। एक ग्रामीण ने बताया कि पहले लोग रात में खेतों में जाने से डरते थे, लेकिन अब इस सुरक्षा उपाय के बाद थोड़ा आत्मविश्वास आया है।
वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि वे अकेले सुनसान इलाकों में न जाएं। साथ ही, अधिकारियों ने यह भी बताया कि तेंदुओं को पकड़ने और सुरक्षित रूप से जंगलों में छोड़ने का अभियान जारी है।
पुणे के इस “नुकीले जुगाड़” ने अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा बटोरी है। कई लोग इसे ग्रामीणों की समझदारी बता रहे हैं, तो कुछ इसे खतरनाक तरीका मानते हैं। लेकिन एक बात तय है — डर और खतरे के बीच इंसान की सूझबूझ हमेशा कुछ नया रास्ता खोज ही लेती है।