" /> " />
Last Updated Feb - 13 - 2026, 03:26 PM | Source : Fela News
उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधान, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल मई-2026 में समाप्त होगा। ओबीसी आरक्षण प्रक्रिया के लिए समर्पित आयोग न होने से चुनाव ति
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर गंभीर स्थिति बनती जा रही है और संभावित चुनाव की तारीख में देरी की चर्चा है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में ग्राम पंचायत प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) और जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल मई-2026 के पहले सप्ताह में समाप्त हो जाएगा, जबकि ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल जुलाई-2026 के पहले सप्ताह में खत्म होने वाला है।
पिछली बार अप्रैल-2021 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए गए थे और इसी आधार पर उम्मीद यह जताई जा रही थी कि 2026 के अप्रैल माह में भी चुनाव संभव हैं। लेकिन ओबीसी आरक्षण को लेकर प्रक्रिया अभी बाधित है, जिसके कारण चुनाव के समय पर होने पर संशय गहरा गया है।
सूत्रों के मुताबिक ओबीसी आरक्षण प्रक्रिया के लिए आवश्यक समर्पित आयोग अभी नहीं है और इस वजह से आरक्षण फॉर्मूला तय नहीं हो पाया है। इससे पंचायत चुनाव की तारीखों की घोषणा फिलहाल नहीं हो पाई है और मामला अदालत में भी उठा है।
इस मुद्दे पर योगी सरकार ने हाई कोर्ट के समक्ष हलफनामा दाखिल किया है जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि ओबीसी आरक्षण फॉर्मूला को अंतिम रूप देने से पहले समर्पित आयोग की रिपोर्ट जरूरी है। इसी रिपोर्ट और प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही पंचायत चुनाव की तारीख घोषित की जा सकती है।
प्रशासन का कहना है कि ओबीसी आरक्षण के बिना चुनाव करवाना कानून के अनुरूप नहीं माना जा रहा है, इसलिए चुनाव तिथि की घोषणा में देरी सह होती नजर आ रही है। वहीं दूसरी ओर, यह भी बताया जा रहा है कि पंचायत चुनाव समय से न होने की स्थिति में कार्यकाल समाप्त अधिकारियों के लिए वैकल्पिक प्रशासनिक प्रबंध किया जा सकता है।
इस बीच राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा जारी है कि अंतिम रिपोर्ट मिलने और आरक्षण फॉर्मूला तय होने के बाद ही चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि फिलहाल तक कोई नई तिथि घोषित नहीं हुई है और चुनाव टलने की आशंका बढ़ती जा रही है।
यह भी पढ़े
Mar - 30 - 2026
Stalin Government Announced Coupons Worth ₹8,000 For Women: तमिलनाडु में चुनावी माहौल के बी... Read More