Last Updated Nov - 15 - 2025, 01:09 PM | Source : Fela News
दिल्ली ब्लास्ट की जांच में बड़ा कदम उठाते हुए NMC ने आतंकी नेटवर्क से जुड़े शक के आधार पर चार डॉक्टरों के नाम रजिस्टर से हटा दिए। अब वे देश में प्रैक्टिस नहीं क
दिल्ली ब्लास्ट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, उससे जुड़े चौंकाने वाले फैसले भी सामने आ रहे हैं। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने चार ऐसे डॉक्टरों के नाम अपने रजिस्टर से हटा दिए हैं, जिन पर आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने का गंभीर शक है। इस कार्रवाई के बाद ये डॉक्टर अब देश में मेडिकल प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे।
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इन चारों डॉक्टरों—डॉ. मुज़फ्फर अहमद, अदील अहमद राथर, मुझामिल शकील और शाहीन सईद, के खिलाफ ऐसे इनपुट मिले थे कि वे कथित तौर पर दिल्ली ब्लास्ट के पीछे सक्रिय मॉड्यूल के संपर्क में थे। पहली ही नजर में मामला बेहद संवेदनशील दिख रहा था, इसलिए आयोग ने पुलिस और एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार किए बिना उनकी मेडिकल रजिस्ट्रेशन को कैंसिल कर दिया। इस कदम को प्रशासनिक रूप से “पब्लिक सेफ्टी मेज़र” बताया जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि एजेंसियों को शक है कि इन डॉक्टरों ने अपनी पहचान और पेशे का गलत इस्तेमाल किया था, जिससे आतंकी ग्रुप को फायदा पहुंचा। हालांकि वे सभी अभी भी कानूनी जांच का सामना कर रहे हैं और कोर्ट में अपनी सफाई देने का अधिकार रखते हैं। लेकिन मेडिकल प्रैक्टिस का अधिकार वापस मिलना अब काफी मुश्किल माना जा रहा है।
ब्लास्ट मामले में जांच लगातार तेज हो रही है। एजेंसियां उन सभी लिंक की पड़ताल कर रही हैं, जिनसे यह नेटवर्क मजबूत हुआ। इसी कड़ी में मेडिकल रजिस्ट्रेशन हटाए जाने का फैसला एक बड़ा सिग्नल भेजता है—कि चाहे कोई कितना भी प्रतिष्ठित पद पर हो, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में राहत की कोई गुंजाइश नहीं बचती।
यह कदम आने वाले समय में ऐसे मामलों के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है, जहां पेशेवर पहचान का इस्तेमाल गलत गतिविधियों के लिए किया जाए। दिल्ली ब्लास्ट की तहकीकात अभी जारी है और एजेंसियों को उम्मीद है कि इससे जुड़े और भी कई पहलू जल्द साफ होंगे।