Last Updated Nov - 24 - 2025, 04:40 PM | Source : Fela News
बुलंदशहर में तमंचा रिकवरी की ‘स्टेज्ड ट्रेनिंग’ वीडियो वायरल होने पर SSP ने कार्रवाई शुरू की।
बुलंदशहर में पुलिस का एक अजीब वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे जिले में चर्चा तेज कर दी है। मामला एक पति-पत्नी विवाद का था, लेकिन जिस तरह से पुलिस ने आरोपी से ‘तमंचा रिकवरी’ की कोशिश की, वह वीडियो वायरल होते ही सवालों के घेरे में आ गया। अब SSP ने इस पूरे मामले में सख्त एक्शन लिया है।
घटना तब शुरू हुई जब पत्नी की शिकायत पर पुलिस उसके पति को अरेस्ट करने पहुंची। आरोप था कि पति घरेलू विवाद में हथियार रखता है। पुलिस टीम घर पहुंची और उसी दौरान एक वीडियो बनाया गया जिसमें एक पुलिसकर्मी आरोपी से तमंचा बरामद कराने की ट्रेनिंग जैसी हरकतें करता दिखा। वीडियो में दिखाई देता है कि पुलिस आरोपी को तमंचा पकड़ने और दिखाने जैसी ‘डेमो स्टाइल’ हरकतें करवा रही है, मानो बरामदगी की स्क्रिप्ट पहले से तय हो।
वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही लोगों ने इसे पुलिस की लापरवाही और गलत तरीके का उदाहरण बताया। आलोचना बढ़ी तो SSP ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की। फिलहाल जिन अधिकारियों को वीडियो में देखा गया, उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार, पत्नी का आरोप था कि पति अक्सर विवाद करता है और घर में हथियार भी रखता है। इसी शिकायत पर पुलिस गई थी, लेकिन बरामदगी दिखाने के तरीके ने सवाल पैदा कर दिए। SSP ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह का ‘स्टेज्ड रिकवरी’ पूरी तरह गलत है और पुलिस की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाती है।
स्थानीय लोग कह रहे हैं कि असल काम करने के बजाय कुछ पुलिसकर्मी दिखावा ज़्यादा करते हैं, जिससे ऐसे विवाद पैदा होते हैं। वहीं कई लोग यह भी पूछ रहे हैं कि अगर वीडियो वायरल नहीं होता, तो क्या इस पर कोई कार्रवाई होती भी या नहीं।
फिलहाल पुलिस विभाग इस पूरी घटना को गंभीरता से ले रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी कर्मचारियों पर और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। यह मामला एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि किसी भी कार्रवाई में प्रोफेशनलिज्म और पारदर्शिता कितनी जरूरी है, क्योंकि एक गलत कदम पूरे विभाग की छवि को प्रभावित कर देता है।