Last Updated Nov - 12 - 2025, 03:57 PM | Source : Fela News
दिल्ली धमाके की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। शुरुआती सबूतों से साजिश के गहरे तार सामने आए हैं। पुलिस और एजेंसियां मिलकर जांच में जुटीं।
राजधानी दिल्ली में हुआ हालिया धमाका अब सिर्फ एक हादसा नहीं माना जा रहा, बल्कि एक सोची-समझी साजिश की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। आई-20 कार, 10 घंटे का सफर, और एक ऐसे धमाके की गूंज जिसने सुरक्षा एजेंसियों को हिला दिया —पूरी कहानी अब धीरे-धीरे सामने आ रही है। जांच में अब तीन अहम थ्योरी पर काम चल रहा है, और हर एक दिशा किसी गहरी आतंकी साजिश की ओर इशारा करती है।
जांच के मुताबिक, जिस आई-20 कार में विस्फोट हुआ, वह फरीदाबाद से दिल्ली तक करीब 10 घंटे की लंबी यात्रा के बाद पहुंची थी। कार के भीतर रखे गए विस्फोटक इतने शक्तिशाली थे कि धमाके ने आसपास की इमारतों के शीशे तोड़ दिए और इलाके में दहशत फैल गई। एनआईए और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने घटनास्थल से कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और केमिकल के निशान बरामद किए हैं, जो साफ तौर पर प्रोफेशनल हैंडलिंग की तरफ इशारा करते हैं।
पहली थ्योरी यह है कि धमाके के पीछे जम्मू-कश्मीर के कुछ आतंकी मॉड्यूल सक्रिय हो सकते हैं, जिन्होंने हाल में दिल्ली-एनसीआर में नेटवर्क बनाने की कोशिश की थी। दूसरी थ्योरी में “डॉक्टर उमर नबी” नाम सामने आया है —जो कथित रूप से एक स्थानीय हेल्पर नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है। तीसरी और सबसे चिंताजनक थ्योरी यह है कि धमाके की योजना विदेश से रिमोट ऑपरेशन के जरिए कराई गई हो, ताकि दिल्ली को टारगेट बनाकर अंतरराष्ट्रीय संदेश भेजा जा सके।
फॉरेंसिक टीम ने कार के रूट की पूरी ट्रैकिंग शुरू कर दी है और हाईवे पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इस बीच, कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एनआईए सूत्रों का कहना है कि शुरुआती सुरागों से यह साफ है कि यह हमला किसी संगठन या मॉड्यूल का “टेस्ट ऑपरेशन” भी हो सकता है।
दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और केंद्रीय एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर कौन था वो, जिसने 10 घंटे की इस यात्रा को एक खौफनाक मिशन में बदल दिया —और क्यों दिल्ली ही उसकी पहली पसंद बनी।
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