Last Updated Nov - 12 - 2025, 03:28 PM | Source : Fela News
बिल्डिंग 17 के रूम 13 में छिपी साजिश का खुलासा हुआ है। यहां से मिले दस्तावेजों ने बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया। जांच एजेंसियां हर पहलू खंगाल रही हैं।
दिल्ली धमाके की जांच में अब एक नया मोड़ सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, पूरी साजिश की शुरुआत एक यूनिवर्सिटी कैंपस की बिल्डिंग नंबर 17 के रूम 13 से हुई थी। यही वो जगह थी, जहां प्लान तैयार हुआ, रोल तय हुए और विस्फोट की पूरी रूपरेखा बनाई गई। अब ATS की पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, जिन्होंने जांच को एक नई दिशा दे दी है।
एजेंसियों को मिले शुरुआती इनपुट के अनुसार, इस कमरे में पिछले कुछ महीनों से गुप्त बैठकों का सिलसिला चल रहा था। बताया जा रहा है कि आरोपी डॉक्टर शाहीन परवेज़ का नाम अब इस केस में अहम कड़ी के रूप में उभर रहा है। वह इसी यूनिवर्सिटी से जुड़ा था और कथित रूप से तकनीकी जानकारी के जरिए ब्लास्ट की योजना को अंजाम तक पहुंचाने में मदद कर रहा था।
ATS की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि शाहीन के पिता ने जांच टीम को कुछ ऐसे सबूत सौंपे हैं, जिनसे कई कड़ियां जुड़ने लगी हैं। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में उनके बेटे का व्यवहार काफी बदला हुआ था और वह लगातार कुछ लोगों से ऑनलाइन संपर्क में था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि ये संपर्क किस नेटवर्क से जुड़े थे और क्या इसमें किसी विदेशी लिंक का हाथ है।
रूम 13 से बरामद कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और नोट्स को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस का मानना है कि यहीं से विस्फोटक तैयार करने और ट्रांसपोर्ट की पूरी योजना बनी थी। आसपास के सीसीटीवी फुटेज में कुछ संदिग्ध चेहरे भी दिखे हैं, जिनकी पहचान की जा रही है।
अब जांच की दिशा साफ है —एजेंसियां उस नेटवर्क की तह तक पहुंचना चाहती हैं, जिसने एक यूनिवर्सिटी के कमरे को आतंक की लैब में बदल दिया। और अगर इन सुरागों की डोर सही साबित हुई, तो बहुत जल्द बिल्डिंग नंबर 17 का रूम 13 सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि पूरे प्लॉट की कुंजी बन सकता है।
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