Last Updated Jun - 13 - 2026, 01:50 PM | Source : Fela News
Haryana News: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने पहुंची हरियाणा के रोहतक की एक सरकारी स्कूल गेस्ट टीचर को सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबन की कार्रवाई के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है, जबकि कारण अब तक स्पष्ट नहीं किया गया।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद हरियाणा के रोहतक की सरकारी स्कूल गेस्ट टीचर सुलेखा दलाल को सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि, अब तक निलंबन का आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। इस कार्रवाई के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है और सुलेखा लगातार सरकार पर सवाल उठा रही हैं।
सुलेखा दलाल का कहना है कि वह किसी राजनीतिक एजेंडे के तहत नहीं, बल्कि एक मां के रूप में अपने बेटे के लिए आवाज उठाने दिल्ली पहुंची थीं। उनके मुताबिक, उनके बेटे ने कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में 100 में से 75 अंक हासिल किए थे, लेकिन अंतिम चयन सूची में जगह नहीं मिलने के बाद वह गहरे तनाव और डिप्रेशन का शिकार हो गया। सुलेखा ने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षा में पेपर लीक जैसी गंभीर गड़बड़ियां हुईं, लेकिन इस मुद्दे पर कोई बात नहीं कर रहा।
प्रदर्शन में गईं, कुछ दिन बाद मिला सस्पेंशन लेटर
बहादुरगढ़ निवासी सुलेखा दलाल रोहतक की रेनकपुरा कॉलोनी स्थित सरकारी मिडिल स्कूल में प्राइमरी गेस्ट टीचर के पद पर कार्यरत हैं। वह 6 जून को दिल्ली में आयोजित CJP के प्रदर्शन में शामिल हुई थीं। इसके चार दिन बाद, 10 जून को जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (DEEO) की ओर से उन्हें सस्पेंड करने का पत्र जारी किया गया।
सुलेखा का दावा है कि पत्र में केवल निलंबन की जानकारी दी गई, लेकिन कार्रवाई की वजह नहीं बताई गई। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अधिकारियों से कारण जानना चाहा तो उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
सस्पेंशन के बाद बढ़ी चर्चा, आने लगे राजनीतिक ऑफर
सुलेखा दलाल का कहना है कि निलंबन के बाद उनके पास कई राजनीतिक दलों और कर्मचारी संगठनों के नेताओं के फोन आए हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें विभिन्न दलों से जुड़ने के प्रस्ताव भी मिले, लेकिन उन्होंने सभी ऑफर ठुकरा दिए।
उन्होंने कहा, “मैं किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल नहीं होना चाहती। मेरी लड़ाई सिर्फ अपने बेटे और उन युवाओं के लिए है, जिनका भविष्य भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के कारण प्रभावित हो रहा है।”
“युवाओं का भविष्य दांव पर है”
सुलेखा ने कहा कि बार-बार भर्ती परीक्षाओं में सामने आ रही अनियमितताएं केवल उनके बेटे का नहीं, बल्कि देश के हजारों युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही हैं। इसी चिंता ने उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “जब मैं प्रदर्शन में गई थी, तब अकेली थी। मुझे नहीं पता था कि मामला इतना बड़ा हो जाएगा। लेकिन आज बड़ी संख्या में लोग मेरा हौसला बढ़ा रहे हैं। इससे मेरी लड़ाई लड़ने की ताकत और बढ़ गई है।”
सुलेखा का कहना है कि वह पीछे हटने वाली नहीं हैं और युवाओं के अधिकारों तथा भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर अपनी आवाज उठाती रहेंगी।
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