Last Updated Feb - 20 - 2026, 05:52 PM | Source : Fela News
महाराष्ट्र का जलगांव भारत की 'Banana Capital' के रूप में प्रसिद्ध है। यहां उगने वाले केले की गुणवत्ता, उत्पादन और GI टैग ने इसे देश-विदेश में खास पहचान दिलाई है।
भारत कृषि प्रधान देश है, जहां हर क्षेत्र अपनी विशेष खेती और उत्पादों के लिए जाना जाता है। जैसे लखनऊ अपनी चिकनकारी, आगरा ताजमहल और दार्जिलिंग अपनी चाय के लिए प्रसिद्ध है, उसी तरह महाराष्ट्र का एक शहर केले के उत्पादन के कारण देशभर में खास पहचान रखता है। यह शहर है जलगांव, जिसे भारत की 'Banana Capital' यानी केले की राजधानी कहा जाता है।
केला भारत में सबसे ज्यादा खाए जाने वाले फलों में से एक है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पोषण से भरपूर होता है और इसमें पोटेशियम, विटामिन B6 और फाइबर जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं।
भारत दुनिया के सबसे बड़े केला उत्पादक देशों में शामिल है, और इस उत्पादन में महाराष्ट्र के जलगांव जिले का योगदान सबसे अधिक है। यही वजह है कि जलगांव को 'Banana City' या 'Banana Capital of India' के नाम से जाना जाता है।
जलगांव की भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियां केले की खेती के लिए बेहद अनुकूल मानी जाती हैं। हालांकि यहां का मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहता है, फिर भी किसानों ने आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर खेती को सफल बनाया है।
खासतौर पर ड्रिप इरिगेशन तकनीक ने खेती में क्रांति ला दी है। इस तकनीक से पौधों को नियंत्रित मात्रा में पानी दिया जाता है, जिससे पानी की बचत होती है और उत्पादन में भी वृद्धि होती है।
यहां प्रति हेक्टेयर लगभग 60 से 70 टन तक केले का उत्पादन होता है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। जलगांव के केले न केवल महाराष्ट्र और भारत के अन्य राज्यों में भेजे जाते हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी इनकी मांग बढ़ रही है। इस क्षेत्र के केले आकार में बड़े, स्वाद में मीठे और गुणवत्ता में बेहतर माने जाते हैं।
जलगांव के केले की गुणवत्ता और विशिष्टता को देखते हुए वर्ष 2016 में इसे GI (Geographical Indication) टैग भी दिया गया | GI टैग किसी उत्पाद की भौगोलिक पहचान और उसकी खास गुणवत्ता को प्रमाणित करता है। इससे जलगांव के केले को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशेष पहचान मिली है।
केले की खेती ने जलगांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यहां हजारों किसान केले की खेती से जुड़े हैं और इससे उन्हें स्थायी आय का स्रोत मिला है। इसके अलावा केले के व्यापार, पैकेजिंग और परिवहन से जुड़े उद्योगों ने भी रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं।
आज जलगांव न केवल भारत बल्कि दुनिया में भी केला उत्पादन के प्रमुख केंद्रों में शामिल हो चुका है। आधुनिक खेती तकनीकों, मेहनती किसानों और अनुकूल परिस्थितियों ने इस शहर को 'Banana Capital of India' का गौरव दिलाया है।
यह उदाहरण दिखाता है कि सही तकनीक और प्रयास से कोई भी क्षेत्र कृषि के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।
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