Fela News Lifestyle Header Banner

इंदौर के सरकारी अस्पताल में बच्चों की सुरक्षा सवालों में क्यों

इंदौर के सरकारी अस्पताल में बच्चों की सुरक्षा सवालों में क्यों

Last Updated Jan - 09 - 2026, 04:45 PM | Source : Fela News

MY अस्पताल में लापरवाही का एक और मामला सामने आया है, जहां इलाज के दौरान नर्स की गलती से डेढ़ महीने के मासूम को जिंदगी भर का जख्म मिल गया।
इंदौर के सरकारी अस्पताल में बच्चों की सुरक्षा सवालों में क्यों
इंदौर के सरकारी अस्पताल में बच्चों की सुरक्षा सवालों में क्यों

मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित MY अस्पताल से एक बार फिर चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां इलाज के दौरान एक नर्स की लापरवाही से महज 1.5 महीने के नवजात बच्चे का अंगूठा कैंची से कट गया। यह घटना उस वक्त हुई जब बच्चे को वार्ड में सामान्य देखभाल दी जा रही थी। अचानक हुए इस हादसे से परिवार सदमे में है और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

परिजनों के मुताबिक, बच्चा पूरी तरह स्वस्थ था और उसे मामूली निगरानी के लिए अस्पताल में रखा गया था। इसी दौरान नर्स किसी मेडिकल प्रक्रिया के लिए कैंची का इस्तेमाल कर रही थी, तभी बच्चे का अंगूठा कट गया। खून बहने लगा और बच्चे की हालत बिगड़ गई। आनन-फानन में डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन अंगूठा पूरी तरह बचाया नहीं जा सका।

मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने संबंधित नर्स को तत्काल सस्पेंड कर दिया है और विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह गंभीर लापरवाही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परिजन इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं।

यह घटना इसलिए भी ज्यादा संवेदनशील हो गई है क्योंकि MY अस्पताल पहले ही विवादों में रहा है। कुछ समय पहले अस्पताल में नवजात वार्ड में चूहे के घूमने और बच्चे को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया था, जिससे अस्पताल की काफी बदनामी हुई थी। उस मामले के बाद व्यवस्थाओं में सुधार के दावे किए गए थे, लेकिन ताजा घटना ने उन दावों की पोल खोल दी है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर नजर रखने वालों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में स्टाफ की कमी, ज्यादा काम का दबाव और लापरवाही ऐसी घटनाओं की बड़ी वजह बन रही है। सबसे ज्यादा नुकसान मासूम बच्चों और गरीब परिवारों को उठाना पड़ता है, जिनके पास निजी अस्पताल का विकल्प नहीं होता।

फिलहाल बच्चे का इलाज जारी है और डॉक्टर उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या सरकारी अस्पतालों में मरीजों, खासकर नवजातों की सुरक्षा को लेकर व्यवस्था वाकई गंभीर है या हर बार हादसे के बाद सिर्फ कार्रवाई का दिखावा किया जाता है।

Share :

Trending this week

असम जोरहाट विमान हादसा

Jun - 13 - 2026

असम के जोरहाट में शनिवार को भारतीय वायुसेना (IAF) का AN-32 ट्रा... Read More

पंजाब में CM उम्मीदवार पर सस्पेंस खत्म

Jun - 13 - 2026

पंजाब की राजनीति में चुनावी हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पा... Read More

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में पहुंची टीचर सस्पेंड

Jun - 13 - 2026

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद ... Read More