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BLO पर इतना बोझ क्यों कि SIR में हाल बेहाल

BLO पर इतना बोझ क्यों कि SIR में हाल बेहाल

Last Updated Nov - 19 - 2025, 02:59 PM | Source : Fela News

SIR के दौरान BLO पर अत्यधिक काम का बोझ बढ़ता है, जिससे तनाव और मानसिक दबाव उत्पन्न होता है।
BLO पर इतना बोझ क्यों
BLO पर इतना बोझ क्यों

मतदाता सूची बनाने का काम जितना आसान दिखता है, असल में BLO के लिए उतना ही भारी साबित होता है। SIR यानी Special Intensive Revision शुरू होते ही उनका काम कई गुना बढ़ जाता है, और इसी दबाव में कई BLO परेशान हो उठते हैं।

BLO यानी Booth Level Officer को अपने बूथ क्षेत्र में हर छोटे-बड़े वोटर की जानकारी की जिम्मेदारी दी जाती है। उन्हें घर-घर जाकर यह देखना होता है कि कौन नया मतदाता बना है, किसका पता बदला है, किसका नाम हटाना है या किसकी जानकारी गलत दर्ज है। पुराने रिकॉर्ड, जन्म-मृत्यु के दस्तावेज, फोटो पहचान, हर चीज़ की जांच BLO को ही करनी पड़ती है।

SIR के समय यह काम और मुश्किल हो जाता है क्योंकि हर घर तक पहुंचना, हर फॉर्म को सही तरीके से भरवाना, पुरानी प्रविष्टियों को मिलान करना और फिर उसे सिस्टम में अपडेट करना, सब कुछ तय समय सीमा में करना होता है। कई BLO अपनी नियमित नौकरी खत्म करके शाम को फील्ड में निकलते हैं, छुट्टियों में भी यह प्रक्रिया जारी रहती है। मोबाइल ऐप से लाइव रिपोर्टिंग, इंटरनेट खर्च और लगातार अपडेट, ये सभी जिम्मेदारियां भी उन्हीं पर होती हैं।

इस भारी काम के बदले उन्हें कुछ अतिरिक्त भुगतान मिलता है। BLO को सालाना मानदेय के अलावा SIR के दौरान एक खास इंसेंटिव मिलता है, जिससे उनकी आय थोड़ी बढ़ जाती है। महीने के हिसाब से देखें तो यह रकम बहुत बड़ी नहीं होती, लेकिन काम के दबाव को देखते हुए यह उनका एकमात्र आर्थिक सहारा बन जाती है।

कई राज्यों में SIR के दौरान शिकायतें भी सामने आई हैं कि BLO पर इतना काम डाल दिया जाता है कि वे मानसिक तनाव में आ जाते हैं। कुछ जगहों पर तो उनके डेटा खर्च, यात्रा खर्च और ऐप संबंधित समस्याओं का भी पर्याप्त समाधान नहीं मिलता।

इसके बावजूद BLO की भूमिका बेहद अहम है। वही यह सुनिश्चित करते हैं कि मतदाता सूची सही हो, कोई फर्जी नाम न जुड़ें और कोई असली मतदाता छूट न जाए। चुनाव प्रक्रिया की नींव इन्हीं के कंधों पर टिकी होती है।

इसलिए जब SIR शुरू होता है, तो असल लड़ाई BLO लड़ते हैं, कागजों, मोबाइल ऐप, घर-घर दस्तक और लगातार दबाव के बीच। उनके सिर पर काम इतना होता है कि एक्स्ट्रा पैसे भी कई बार उस बोझ को हल्का नहीं कर पाते।

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