Header Image

CBI जांच से खुलेगा अंकिता हत्याकांड का 'VIP' राज? बढ़ी हलचल

CBI जांच से खुलेगा अंकिता हत्याकांड का 'VIP' राज? बढ़ी हलचल

Last Updated Jan - 10 - 2026, 11:23 AM | Source : Fela News

अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद नया मोड़ आया है। परिवार ने कथित वीआईपी की कॉल डिटेल और लोकेशन जांच की मांग तेज की।
CBI जांच से खुलेगा अंकिता हत्याकांड का 'VIP' राज?
CBI जांच से खुलेगा अंकिता हत्याकांड का 'VIP' राज?

उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की सिफारिश कर दी है। इस फैसले के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि क्या इस जांच से उस कथित 'VIP' की भूमिका सामने आएगी, जिसका नाम लंबे समय से इस केस से जोड़ा जा रहा है।

अंकिता भंडारी की हत्या के बाद से ही यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। अंकिता के परिवार और कई सामाजिक संगठनों का आरोप है कि मामले में प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की गई। यही वजह है कि पूरे उत्तराखंड में इस केस को लेकर लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं।

अंकिता के पिता ने साफ तौर पर कहा है कि उन्हें सिर्फ सीबीआई जांच से ही न्याय की उम्मीद है। उन्होंने मांग की है कि जांच के दौरान उस कथित वीआईपी नेता की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मोबाइल लोकेशन की भी गहन जांच की जाए, जिसका नाम शुरुआती जांच में सामने आया था। परिवार का कहना है कि अगर इन पहलुओं की निष्पक्ष जांच हुई, तो कई छिपे हुए सच सामने आ सकते हैं।

अब तक इस मामले में स्थानीय पुलिस और एसआईटी द्वारा जांच की गई, जिसमें कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई। हालांकि, अंकिता के परिजनों और आंदोलनकारियों का आरोप है कि जांच की दिशा शुरू से ही सीमित रखी गई और बड़े नामों तक पहुंचने की कोशिश नहीं की गई। इसी असंतोष के चलते सीबीआई जांच की मांग तेज होती चली गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसी की जांच से मामले में पारदर्शिता आएगी और लोगों का भरोसा मजबूत होगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीबीआई जांच शुरू होते ही यह केस एक नए मोड़ पर पहुंच सकता है। अगर जांच में किसी प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो इसका असर सिर्फ कानूनी ही नहीं, बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी देखने को मिल सकता है।

Share :

Trending this week

महाराष्ट्र में जहरीली शराब का कहर

May - 30 - 2026

 

महाराष्ट्र में जहरीली शराब ने एक बार फिर बड़ा कहर ... Read More

दिल्ली-UP-बिहार में बारिश अलर्ट

May - 30 - 2026

दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों की हल्की बूंदाबांदी क... Read More

पंजाब निकाय चुनाव में AAP की सुनामी

May - 30 - 2026

पंजाब नगर निकाय चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति में ... Read More