Last Updated Feb - 10 - 2026, 01:24 PM | Source : Fela News
कलौंजी के बीज ब्लड शुगर कंट्रोल करने, जोड़ों के दर्द में राहत देने और इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार माने जाते हैं। एक्सपर्ट बताते हैं कि इसका सही सेवन कैसे करें।
रसोई में इस्तेमाल होने वाला छोटा सा मसाला कलौंजी केवल खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। कलौंजी को अंग्रेजी में "ब्लैक सीड" या "नाइजेला सीड" कहा जाता है। आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धति में इसका इस्तेमाल वर्षों से किया जाता रहा है। हाल ही में हेल्थ एक्सपर्ट्स ने भी इसके कई फायदे बताए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, कलौंजी में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। इनमें थायमोकिनोन नामक तत्व होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। नियमित रूप से सीमित मात्रा में कलौंजी का सेवन करने से कई स्वास्थ्य समस्याओं में राहत मिल सकती है।
ब्लड शुगर कंट्रोल में मददगार
डायबिटीज के मरीजों के लिए कलौंजी को लाभकारी माना जाता है। रिसर्च के अनुसार, यह इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ाने में मदद करती है और ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में सहायक हो सकती है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।
जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत
कलौंजी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। गठिया या जोड़ों की समस्या से परेशान लोगों के लिए यह एक प्राकृतिक विकल्प हो सकता है। कई लोग कलौंजी के तेल की मालिश भी दर्द कम करने के लिए करते हैं।
पाचन तंत्र को बनाए मजबूत
कलौंजी पाचन से जुड़ी समस्याओं में भी फायदेमंद मानी जाती है। यह गैस, अपच, कब्ज और पेट दर्द जैसी परेशानियों को कम करने में मदद कर सकती है। भोजन के साथ थोड़ी मात्रा में कलौंजी लेने से पाचन क्रिया बेहतर होती है।
इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक
विशेषज्ञों का कहना है कि कलौंजी शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करती है। बदलते मौसम में सर्दी-खांसी और संक्रमण से बचाव के लिए इसका सेवन लाभकारी हो सकता है। किन लोगों को नहीं करनी चाहिए ज्यादा मात्रा में सेवन हालांकि कलौंजी फायदेमंद है, लेकिन इसका अधिक सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है। गर्भवती महिलाओं, लो ब्लड प्रेशर के मरीजों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
कैसे करें सही तरीके से सेवन
कलौंजी को रोजाना आधा से एक चम्मच तक लिया जा सकता है। इसे शहद के साथ, गुनगुने पानी में मिलाकर या भोजन में मिलाकर सेवन किया जा सकता है। कलौंजी का तेल भी सीमित मात्रा में उपयोग किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि कलौंजी कोई चमत्कारी दवा नहीं है, बल्कि यह एक सहायक प्राकृतिक उपाय है। संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के साथ इसका सेवन अधिक लाभकारी होता है।
कुल मिलाकर, छोटी सी कलौंजी बड़े स्वास्थ्य लाभ देने में सक्षम है। सही मात्रा और सही तरीके से इसका उपयोग करने पर यह शरीर को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकती है।
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