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खजूर की दुनिया में नया किंग, खाड़ी देशों को पछाड़ा

खजूर की दुनिया में नया किंग, खाड़ी देशों को पछाड़ा

Last Updated Feb - 10 - 2026, 06:16 PM | Source : Fela News

खजूर उत्पादन में एक छोटे से देश ने खाड़ी दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है. रिकॉर्ड उत्पादन, बढ़ता निर्यात और आधुनिक प्रोसेसिंग ने इसे ग्लोबल लीडर बना दिया.
खजूर की दुनिया में नया किंग
खजूर की दुनिया में नया किंग

खजूर की बात होती है, तो आमतौर पर सऊदी अरब या यूएई जैसे खाड़ी देशों का नाम सबसे पहले लिया जाता है. इन देशों की खजूर को दुनिया भर में प्रीमियम क्वालिटी का दर्जा मिला हुआ है. लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है. खजूर के वैश्विक कारोबार में एक ऐसा देश सबसे आगे निकल आया है, जिसने बड़े-बड़े खाड़ी देशों को भी पीछे छोड़ दिया है. 

यह देश है मिस्र. मिस्र आज दुनिया का सबसे बड़ा खजूर उत्पादक देश बन चुका है. अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों के मुताबिक, मिस्र हर साल करीब 20 लाख टन खजूर का उत्पादन करता है, जो दुनिया के कुल खजूर उत्पादन का लगभग 19 प्रतिशत है. यह उत्पादन 2.4 करोड़ से अधिक खजूर के पेड़ों से होता है, जो इसे इस सेक्टर में निर्विवाद रूप से नंबर वन बनाता है. 

दिलचस्प बात यह है कि खजूर उत्पादन में मिस्र ने सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे पारंपरिक खजूर उत्पादक देशों को भी पीछे छोड़ दिया है. जहां खाड़ी देशों में खजूर को धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ देखा जाता है, वहीं मिस्र ने इसे एक बड़े एग्री बिजनेस मॉडल के तौर पर विकसित किया है. 

क्यों आगे निकला मिस्र ? 

मिस्र की सफलता के पीछे कई ठोस वजहें हैं. सबसे पहली वजह है बड़े पैमाने पर खेती. यहां खजूर सिर्फ पारंपरिक फसल नहीं, बल्कि संगठित कृषि प्रणाली का हिस्सा है. दूसरी बड़ी वजह है सरकार की रणनीति. मिस्र ने खजूर को निर्यात आधारित उद्योग के रूप में विकसित करने पर जोर दिया है. 

देश के सादात सिटी, बोर्ग अल-अरब और 10वीं ऑफ रमादान सिटी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में आधुनिक खजूर प्रोसेसिंग सेंटर बनाए जा रहे हैं. इन केंद्रों में खजूर की सफाई, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स तैयार किए जाते हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा आसान हो जाती है. 

तेजी से बढ़ता ग्लोबल मार्केट 

वैश्विक स्तर पर खजूर का बाजार भी तेजी से बढ़ रहा है. अनुमान है कि 2025 में जहां इसका आकार करीब 29 अरब डॉलर होगा, वहीं 2031 तक यह 44 अरब डॉलर के पार पहुंच सकता है. हेल्थ फूड के तौर पर खजूर की बढ़ती मांग, नेचुरल शुगर का ट्रेंड और बेहतर कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर इस ग्रोथ को और रफ्तार दे रहे हैं. 

निर्यात पर खास फोकस 

मिस्र अब ऐसी खजूर की किस्मों पर ज्यादा ध्यान दे रहा है, जिनकी यूरोप, एशिया और अमेरिका जैसे बाजारों में ऊंची कीमत मिलती है. सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज और एक्सपोर्ट-फ्रेंडली प्रोसेसिंग से जोड़ रहे हैं. 

खाड़ी देशों के लिए चुनौती 

हालांकि खाड़ी देशों की खजूर अब भी क्वालिटी और ब्रांड वैल्यू में मजबूत मानी जाती है, लेकिन उत्पादन और ग्लोबल शेयर के मामले में मिस्र फिलहाल सबसे आगे है. आने वाले वर्षों में अगर यही रफ्तार बनी रही, तो खजूर के वैश्विक बाजार में मिस्र की पकड़ और मजबूत होती नजर आएगी. 

खजूर की दुनिया में अब बादशाहत सिर्फ खाड़ी देशों तक सीमित नहीं रही - मिस्र ने साबित कर दिया है कि रणनीति और स्केल के दम पर कोई भी देश ग्लोबल लीडर बन सकता है. 

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