Last Updated Nov - 13 - 2025, 03:57 PM | Source : Fela News
केला खाने के सही तरीके पर बहस जारी है। विशेषज्ञों के अनुसार पका केला ऊर्जा और पाचन के लिए बेहतर है, जबकि हरा केला ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद करता है।
केला दुनिया में सबसे ज्यादा खाया जाने वाला फल है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे किस रूप में खाना सेहत के लिए सबसे फायदेमंद होता है? इस पर एम्स के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने दिलचस्प जानकारी दी है। उनका कहना है कि केला शरीर को तुरंत ऊर्जा देने के साथ-साथ पाचन तंत्र के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप उसे हरा, पीला या भूरे धब्बों वाला खाते हैं।
डॉ. सेठी के अनुसार, हरा केला रेजिस्टेंट स्टार्च से भरपूर होता है, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए यह एक बेहतर विकल्प है क्योंकि यह धीरे-धीरे पचता है और लंबे समय तक पेट भरा रखता है। हरा केला आंतों के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा होता है क्योंकि इसमें मौजूद स्टार्च “गट बैक्टीरिया” को पोषण देता है।
वहीं पीला पका केला शरीर को तुरंत एनर्जी देने का काम करता है। एक्सरसाइज से पहले या बाद में यह बहुत उपयोगी होता है क्योंकि इसमें शुगर की मात्रा थोड़ी ज्यादा होती है। यह बच्चों और एथलीट्स के लिए बेहतर माना जाता है।
अगर बात करें भूरे धब्बों वाले केले की, तो इन्हें सबसे ज्यादा मीठा माना जाता है। लेकिन इनकी शुगर कंटेंट बढ़ जाती है, इसलिए इन्हें डायबिटिक मरीजों को सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। हालांकि, ये आसानी से पचते हैं और शरीर को त्वरित ऊर्जा प्रदान करते हैं।
डॉ. सेठी का कहना है कि आम व्यक्ति के लिए पका हुआ पीला केला सबसे संतुलित विकल्प है , न ज्यादा कच्चा, न ज्यादा मीठा। इसे सुबह के नाश्ते में या शाम के स्नैक के रूप में खाना सबसे फायदेमंद होता है।
सीधे शब्दों में कहें तो ,अगर आप एनर्जी चाहते हैं तो पका केला खाएं, और अगर ब्लड शुगर या डाइजेशन पर ध्यान देना चाहते हैं तो थोड़ा कच्चा हरा केला ज्यादा बेहतर रहेगा।
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