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इतिहास से भी पुराना ये पेड़ अब बना दुनिया का अजूबा

इतिहास से भी पुराना ये पेड़ अब बना दुनिया का अजूबा

Last Updated Jan - 20 - 2026, 01:28 PM | Source : Fela News

ग्रीस के क्रीट द्वीप पर स्थित वूवेस का जैतून का पेड़ दुनिया के सबसे प्राचीन जीवित पेड़ों में गिना जाता है, जिसकी उम्र 2000-4000 साल मानी जाती है।
इतिहास से भी पुराना ये पेड़ अब बना दुनिया का अजूबा
इतिहास से भी पुराना ये पेड़ अब बना दुनिया का अजूबा

दुनिया में जहां प्राचीन इमारतें और सभ्यताओं के अवशेष लोगों को इतिहास से जोड़ते हैं, वहीं कुछ पेड़ भी ऐसे हैं जो हजारों सालों से खड़े होकर समय के साक्षी बने हुए हैं। ग्रीस के क्रीट द्वीप पर मौजूद वूवेस का जैतून का पेड़ ऐसा ही एक अद्भुत उदाहरण है, जिसे दुनिया का सबसे पुराना जीवित जैतून का पेड़ माना जाता है। यह पेड़ सिर्फ इतिहास का प्रतीक नहीं, बल्कि आज भी फल देने वाला जीवित चमत्कार है।

क्रीट के हानिया क्षेत्र के पास स्थित यह पेड़ स्थानीय लोगों के लिए गर्व का विषय है। विशेषज्ञों के अनुसार यह "त्सूनाती" ( Tsounati) नाम की जैतून की किस्म से जुड़ा हुआ है। माना जाता है कि कई सदियों पहले इसे एक जंगली जैतून के पेड़ पर ग्राफ्ट किया गया था। इसकी सबसे चौंकाने वाली विशेषता इसका विशाल तना है, जो देखने में किसी प्राकृतिक मूर्ति जैसा लगता है। तने की परिधि लगभग 12.5 मीटर और चौड़ाई करीब 4.6 मीटर बताई जाती है। इतने बड़े आकार के कारण चार-पांच लोग मिलकर भी इसे पूरी तरह घेर नहीं सकते ।

इस पेड़ की वास्तविक उम्र को लेकर वैज्ञानिकों में मतभेद है। जैतून के पेड़ों की आयु का सटीक निर्धारण करना कठिन होता है क्योंकि इनके तनों का भीतरी हिस्सा समय के साथ सड़ जाता है। वूवेस के पेड़ में भी यही हुआ है। तने का केंद्र भाग नष्ट हो चुका है, लेकिन पेड़ ने बाहरी परतों में नई लकड़ी विकसित कर खुद को जीवित रखा। यही कारण है कि इसकी वृद्धि रुकने के बजाय आकार बदलती रही।

पेड़ के बचे हुए छल्लों की वैज्ञानिक जांच से यह पुष्टि हुई है कि इसकी उम्र कम से कम 2000 वर्ष से अधिक है। वहीं क्रीट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का अनुमान है कि यह पेड़ लगभग 3500 से 4000 वर्ष पुराना भी हो सकता है। यानि यह पेड़ उस समय से जीवित है जब दुनिया की कई प्राचीन सभ्यताएं आकार ले रही थीं।

आज भी इस पेड़ से हर साल जैतून प्राप्त होते हैं, जिन्हें स्थानीय स्तर पर प्रतीकात्मक रूप से उपयोग किया जाता है। 2004 एथेंस ओलंपिक के दौरान भी इसी पेड़ की शाखाओं से खिलाड़ियों के लिए पारंपरिक जैतून मुकुट तैयार किए गए थे। इससे इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता और बढ़ गई।

सोशल मीडिया पर इस पेड़ का वीडियो वायरल होने के बाद लोग इसकी मजबूती और लंबी उम्र को देखकर हैरान हैं। कई लोग इसे "नेचर का टाइम मशीन" कह रहे हैं। यह पेड़ हमें याद दिलाता है कि प्रकृति की अपनी स्मृति होती है और वह सदियों तक इतिहास को जीवित रख सकती है।

वूवेस का जैतून का पेड़ सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि मानव सभ्यता से भी पुराना जीवित इतिहास है, जो आज भी उसी मजबूती से खड़ा है जैसे हजारों साल पहले था।

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