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Ahoi Ashtami 2025: जानिए व्रत की सही तारीख और महत्व

Ahoi Ashtami 2025: जानिए व्रत की सही तारीख और महत्व

Last Updated Oct - 08 - 2025, 11:36 AM | Source : Fela News

Ahoi Ashtami 2025: अहोई अष्टमी व्रत दिवाली से 8 दिन पहले, 13 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिन माताएं अपने बच्चों की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और ता
जानिए व्रत की सही तारीख और महत्व
जानिए व्रत की सही तारीख और महत्व

Ahoi Ashtami Vrat 2025 Kab Hai: अहोई अष्टमी का व्रत कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि यह व्रत संतान की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है। इसलिए माताएं हर साल अपने बच्चों की भलाई और सुरक्षा के लिए अहोई माता की पूजा करती हैं। अहोई माता को संतान की रक्षा करने वाली देवी माना जाता है।

अहोई अष्टमी के दिन माताएं सुबह जल्दी उठकर स्नान करती हैं, सूर्य देव को अर्घ्य देती हैं और पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को शुभ मुहूर्त में अहोई माता की पूजा होती है और तारों को देखकर व्रत खोलती हैं।

अहोई अष्टमी 2025 तारीख और मुहूर्त

  • व्रत की तिथि: सोमवार, 13 अक्टूबर 2025
  • आरंभ: 13 अक्टूबर रात 12:14 बजे
  • समाप्ति: 14 अक्टूबर सुबह 11:09 बजे
  • पूजा का मुहूर्त: शाम 5:53 से 7:08 बजे तक
  • तारों को देखने का समय: शाम 6:17 बजे तक

व्रत का महत्व:

अहोई अष्टमी की कथा के अनुसार, प्राचीन समय में एक महिला गलती से जंगल में एक सेही (स्याहू) के बच्चे को मार देती है। सेही की संतान मृत्यु से क्रोधित होकर उस महिला और उसके बच्चे को भी मार देती है। महिला अहोई माता की पूजा कर क्षमा मांगती है और उसके बेटे को पुनर्जीवित किया जाता है।

इसी से अहोई अष्टमी व्रत संतान की लंबी उम्र, सफलता, स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए रखा जाता है। यह व्रत केवल एक धर्मकर्म नहीं, बल्कि मां के बच्चों के प्रति प्रेम, समर्पण और मंगलकामना का प्रतीक भी है। 

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