Last Updated Jun - 01 - 2026, 01:16 PM | Source : Fela news
Surya Grahan 2026 Kab Hai: 12 अगस्त को साल का दूसरा वलयाकार सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। आसमान में दिखेगा अद्भुत 'रिंग ऑफ फायर' नज़ारा। जानिए ग्रहण का समय, सूतक काल और क्या भारत में दिखेगा यह दुर्लभ खगोलीय दृश्य।
Surya Grahan 2026:साल 2026 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगने जा रहा है। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण (Annular Solar Eclipse) होगा, जिसे दुनिया भर में 'रिंग ऑफ फायर' के नाम से जाना जाता है। इस दौरान चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाएगा और सूर्य के चारों ओर आग की अंगूठी जैसा चमकदार घेरा दिखाई देगा। यही दुर्लभ दृश्य इस ग्रहण को खास बनाता है।
खगोल विज्ञान के शौकीनों के लिए यह ग्रहण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें आसमान में एक अनोखा खगोलीय नजारा देखने और उसे रिकॉर्ड करने का मौका मिलेगा। वहीं ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं में सूर्य ग्रहण को विशेष महत्व दिया जाता है।
कब लगेगा सूर्य ग्रहण?
भारतीय समय के अनुसार 12 अगस्त 2026 को सूर्य ग्रहण की शुरुआत रात 9:04 बजे होगी और इसका समापन 13 अगस्त की सुबह 4:25 बजे होगा। ग्रहण की मुख्य अवस्था लगभग 6 मिनट 23 सेकंड तक रहने की संभावना है, जिसके कारण इसे लंबे समय तक रहने वाले सूर्य ग्रहणों में गिना जा रहा है।
क्या भारत में दिखाई देगा यह ग्रहण?
भारतीयों के लिए एक अहम बात यह है कि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ग्रहण के समय भारत में रात होगी, इसलिए यहां 'रिंग ऑफ फायर' का दृश्य नजर नहीं आएगा।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जिस स्थान पर ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां उसका सूतक काल भी मान्य नहीं होता। ऐसे में 12 अगस्त को पड़ने वाली सावन अमावस्या पर पूजा-पाठ, स्नान, दान, तर्पण और धार्मिक अनुष्ठान सामान्य रूप से किए जा सकेंगे।
किन देशों में दिखेगा 'रिंग ऑफ फायर'?
यह दुर्लभ खगोलीय घटना मुख्य रूप से ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और आर्कटिक क्षेत्र के कई हिस्सों में दिखाई देगी। दुनिया के लाखों लोग इस अद्भुत दृश्य को अपनी आंखों से देख सकेंगे। जो लोग इसे प्रत्यक्ष नहीं देख पाएंगे, वे नासा और अन्य अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों की लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए ऑनलाइन इसका आनंद ले सकेंगे।
कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगेगा ग्रहण
क्यों खास है यह ग्रहण?
17 फरवरी 2026 को साल का पहला सूर्य ग्रहण लग चुका है, लेकिन 12 अगस्त का यह वलयाकार सूर्य ग्रहण अपनी लंबी अवधि और 'रिंग ऑफ फायर' के दुर्लभ दृश्य की वजह से अधिक चर्चा में है। खगोल विज्ञान और ज्योतिष दोनों ही दृष्टिकोण से यह वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण खगोलीय घटनाओं में से एक मानी जा रही है।
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