Ashadha Amavasya 2025: आषाढ़ अमावस्या 24 या 25 जून? जानें सही तारीख और 3 शुभ काम जो करें
Ashadha Amavasya 2025: आषाढ़ अमावस्या 24 या 25 जून? जानें सही तारीख और 3 शुभ काम जो करें
Last Updated Jun - 23 - 2025, 02:30 PM | Source : Fela News
Ashadha Amavasya 2025: अमावस्या को मां लक्ष्मी और शनि देव का जन्मदिन माना जाता है। इस दिन पितरों को श्रद्धांजलि देने के साथ कुछ खास काम करने से घर में सुख-शांति
आषाढ़ अमावस्या 24 या 25 जून?
Ashadha Amavasya 2025: आषाढ़ अमावस्या के साथ ही आषाढ़ महीने का कृष्ण पक्ष खत्म हो जाएगा और शुक्ल पक्ष की शुरुआत होगी। इस अमावस्या को हलहारिणी अमावस्या भी कहते हैं, क्योंकि इस दिन किसान अपने हल और खेती के औजारों की पूजा करते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन पितरों के लिए तर्पण करने से उन्हें शांति मिलती है, पितृ दोष दूर होता है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
आषाढ़ अमावस्या 2025 कब है?
- यह तिथि 24 जून 2025 को शाम 6:59 बजे शुरू होगी और 25 जून को शाम 4 बजे खत्म होगी।
- उदयकालीन तिथि के अनुसार, 25 जून 2025 (बुधवार) को आषाढ़ अमावस्या मनाई जाएगी।
इस दिन क्या करें?
- शाम को भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें।
- "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" और "ॐ महालक्ष्म्यै नमः" मंत्रों का जाप करें।
- श्रीसूक्त का पाठ करने से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है।
पितरों के लिए क्या करें?
- दोपहर 12 बजे के आसपास गाय के गोबर से बने कंडों को जलाएं।
- जब धुआं बंद हो जाए, तो अंगारों पर गुड़ और घी चढ़ाएं, पितरों का ध्यान करें।
- भोजन से थोड़ा हिस्सा गाय, कौवा, कुत्ते और चींटियों के लिए निकालें और ब्राह्मण को दान दें।
बुरी शक्तियों से बचने के उपाय
- शाम को घर के मुख्य दरवाजे पर सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
- इससे नकारात्मक ऊर्जा घर में नहीं आती और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है।
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