Last Updated Apr - 21 - 2026, 03:59 PM | Source : Fela News
Best Time To Blow Shankh: भारतीय परंपरा में शंख पवित्र माना जाता है, लेकिन इसे बजाने के भी खास नियम हैं। गलत समय या तरीके से शंख बजाना शुभ के बजाय अशुभ परिणाम दे सकता है।
Shankh bajane ke Niyam: हिंदू धर्म में शंख का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है, लेकिन इसे बजाने के सही समय और नियमों को जानना भी उतना ही जरूरी है। पूजा-पाठ, आरती और शुभ कार्यों की शुरुआत शंखनाद से करने की परंपरा सदियों पुरानी है। मान्यता है कि शंख की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सकारात्मकता बढ़ती है। हालांकि, गलत समय या गलत तरीके से शंख बजाने से इसके लाभ कम हो सकते हैं और कई बार इसे अशुभ भी माना जाता है।
क्या है शंख बजाने का सही समय?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शंख बजाने का सबसे सही समय सुबह सूर्योदय और शाम सूर्यास्त का होता है। सुबह शंखनाद करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है, वहीं शाम को इसे बजाने से दिनभर की नकारात्मकता दूर होती है। इसके अलावा पूजा, आरती, हवन या किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत में शंख बजाना बेहद शुभ माना जाता है, खासकर संध्या आरती के समय इसका महत्व और बढ़ जाता है।
शंख बजाने के फायदे भी जानिए
शंख की ध्वनि को सिर्फ धार्मिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक रूप से भी लाभकारी माना गया है। इसकी आवाज वातावरण में मौजूद सूक्ष्म जीवाणुओं को कम करने में मदद करती है। साथ ही, शंख बजाने से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और श्वसन तंत्र मजबूत होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शंखनाद से मां लक्ष्मी का आगमन होता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
इन गलतियों से जरूर बचें
अगर सही समय और नियमों का पालन किया जाए, तो शंखनाद घर में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और समृद्धि लाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
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