Last Updated Apr - 01 - 2026, 11:42 AM | Source : Fela News
Chaitra Purnima 2026 Date: चैत्र पूर्णिमा की तारीख को लेकर भ्रम बना हुआ है, क्योंकि 1 और 2 अप्रैल दोनों दिन पूर्णिमा तिथि पड़ रही है. आइए जानें पूजा, व्रत और स्नान का सही दिन.
Chaitra Purnima 2026 Date: चैत्र पूर्णिमा हिंदू कैलेंडर की पहली पूर्णिमा मानी जाती है, इसलिए इसका विशेष धार्मिक महत्व होता है. इस दिन पवित्र नदी में स्नान, दान, व्रत और भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी की पूजा का विधान है. इसी दिन कई जगहों पर हनुमान जयंती भी मनाई जाती है.
इस साल चैत्र पूर्णिमा की तिथि को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है. वजह यह है कि 1 अप्रैल और 2 अप्रैल, दोनों दिन पूर्णिमा तिथि पड़ रही है. ऐसे में लोग यह जानना चाहते हैं कि व्रत, पूजा और स्नान-दान किस दिन करना सही रहेगा.
द्रिक पंचांग के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शुरू होकर 2 अप्रैल सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक रहेगी. हिंदू धर्म में व्रत और पूजा के लिए ‘उदयातिथि’ यानी जिस दिन सूर्योदय के समय तिथि हो, उसे ज्यादा मान्यता दी जाती है. इसी आधार पर चैत्र पूर्णिमा का मुख्य पर्व 2 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा.
हालांकि, व्रत रखने और चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए 1 अप्रैल भी उपयुक्त दिन माना जा रहा है. इस दिन पूरे समय पूर्णिमा तिथि रहने के कारण श्रद्धालु व्रत रख सकते हैं और शाम को चंद्रदेव को अर्घ्य दे सकते हैं. 1 अप्रैल को चंद्रोदय का समय शाम 6 बजकर 11 मिनट रहेगा.
वहीं स्नान और दान के लिए 2 अप्रैल का दिन अधिक शुभ माना गया है. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना विशेष फलदायी होता है. स्नान-दान के लिए सुबह 4:38 बजे से 5:24 बजे तक का समय सबसे अच्छा रहेगा. अगर इस समय में संभव न हो, तो सुबह 7:41 बजे तक यह कार्य किया जा सकता है
चैत्र पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण भगवान की पूजा का भी विशेष महत्व होता है. इस पूजा के लिए सुबह 6:11 बजे से 9:18 बजे तक का समय शुभ रहेगा. इसके अलावा दिनभर में कई शुभ मुहूर्त भी हैं, जिनमें पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं.
कुल मिलाकर, इस साल चैत्र पूर्णिमा को लेकर भ्रम जरूर है, लेकिन धार्मिक मान्यता के अनुसार 2 अप्रैल को मुख्य पर्व मनाया जाएगा, जबकि 1 अप्रैल को व्रत और चंद्रमा को अर्घ्य देना शुभ रहेगा.
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