Chitragupta Puja 2025 Date: भाई दूज और चित्रगुप्त पूजा कल: शुभ मुहूर्त, विधि, महत्व
Chitragupta Puja 2025 Date: भाई दूज और चित्रगुप्त पूजा कल: शुभ मुहूर्त, विधि, महत्व
Last Updated Oct - 21 - 2025, 11:48 AM | Source : Fela News
Chitragupta Puja 2025: कार्तिक शुक्ल द्वितीया को चित्रगुप्त पूजा होती है, जिसमें कलम-दवात की पूजा की जाती है। यह दिन ज्ञान, बुद्धि और अच्छे कर्म का प्रतीक माना
भाई दूज और चित्रगुप्त पूजा कल: शुभ मुहूर्त, विधि, महत्व
Chitragupta Puja 2025:धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भगवान चित्रगुप्त की पूजा की जाती है, जिसे भाई दूज भी कहते हैं। भगवान चित्रगुप्त कलम और दवात से सभी जीवों के कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं। इसे मास्यधार पूजा भी कहा जाता है और खासतौर पर कायस्थ समाज के लोग इसे बड़े श्रद्धा से मनाते हैं।
पूजा मुहूर्त:
- कार्तिक शुक्ल द्वितीया 22 अक्टूबर को रात 8:16 बजे से शुरू होगी और 23 अक्टूबर को रात 10:46 बजे तक रहेगी।
- चित्रगुप्त पूजा का शुभ मुहूर्त: दोपहर 1:13 बजे से दोपहर 3:28 बजे तक।
पूजा विधि:
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पूजा स्थल साफ करें।
- लकड़ी की चौकी पर पीले कपड़े बिछाकर भगवान चित्रगुप्त की तस्वीर या मूर्ति रखें।
- मूर्ति के सामने घी का दीपक जलाएं और पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, चीनी) अर्पित करें।
- हल्दी, चंदन, फूल, फल, मिठाई और भोग भी चढ़ाएं।
खास काम:
- कलम, दवात और सफेद कागज पूजा में जरूर रखें।
- कागज पर हल्दी से 'श्री गणेशाय नमः' लिखें और उसी कलम से 'ॐ चित्रगुप्ताय नमः' 11 बार लिखें।
- पूजा के बाद कलम-दवात को सामान्य काम में इस्तेमाल न करें, संभालकर रखें।
महत्व:
भगवान चित्रगुप्त पाप-पुण्य का लेखा-जोखा रखने वाले देवता हैं। यह पूजा ज्ञान और बुद्धि बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। कुछ लोग इसे व्यवसाय में सफलता के लिए भी करते हैं।
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