Last Updated Nov - 01 - 2025, 01:29 PM | Source : Fela News
आज देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु जागेंगे, शुभ कार्यों की शुरुआत का दिन। जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक मान्यता से जुड़ी खास बातें।
कार्तिक शुक्ल एकादशी को देवउठनी एकादशी या प्रबोधिनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है। माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु चार महीने के योगनिद्रा से जागते हैं और फिर शुभ कार्यों का आरंभ होता है। 2025 में देवउठनी एकादशी आज के दिन मनाई जा रही है, और इस अवसर पर भगवान विष्णु के पूजन का विशेष महत्व बताया गया है।
पंडितों के अनुसार, भगवान विष्णु का पूजन ब्रह्म मुहूर्त से लेकर प्रातःकाल तक करना अत्यंत शुभ होता है। पूजन का सबसे उत्तम समय सुबह 6:10 से 8:30 बजे तक माना गया है। इस दौरान तुलसी विवाह, भगवान विष्णु के श्रीहरि स्वरूप की पूजा और दीपदान करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त आराधना की जाती है। इस दिन व्रत रखने वाले भक्तों को रातभर जागरण और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करने का विशेष फल मिलता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन से विवाह, गृहप्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों की शुरुआत शुभ मानी जाती है।