Last Updated May - 19 - 2025, 03:12 PM | Source : Fela News
Geeta Gyan:भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में नरक के तीन रास्तों के बारे में बताया है और उनसे बचने की सलाह भी दी है। इसलिए हर इंसान को इनसे दूर रहना चाहिए। चलिए जानते
Geeta Gyan in Hindi: श्रीमद्भागवत गीता सनातन धर्म का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन, धर्म, कर्म, प्रेम, मोक्ष और न्याय से जुड़ी कई बातें बताई हैं। महाभारत के युद्ध के समय श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो ज्ञान दिया, वह गीता उपदेश कहलाता है। गीता में बताया गया है कि अगर कोई इसका पालन करे तो जीवन की परेशानियों से मुक्त होकर सुखी जीवन जी सकता है।
गीता में श्रीकृष्ण ने नरक के तीन द्वारों का ज़िक्र किया है, जो जीवन में ही दिखने लगते हैं। अगर इंसान इनसे दूर रहे, तो उसका जीवन बेहतर बन सकता है।
गीता के अध्याय 16 के श्लोक 21 में श्रीकृष्ण कहते हैं:
"काम, क्रोध और लोभ – ये तीन नरक के द्वार हैं, जो आत्मा को बर्बाद कर देते हैं। इसलिए इनसे दूर रहना चाहिए।"
1. काम (वासना)
किसी भी चीज़ की अत्यधिक चाह या वासना, इंसान को भटकाती है। यह इंसान को झूठे सुख में उलझाकर सत्य से दूर कर देती है। रावण इसका उदाहरण है, जिसने एक स्त्री की वासना में अपना सब कुछ गंवा दिया।
2. क्रोध (गुस्सा)
गुस्सा इंसान की सोचने की ताकत को कमजोर कर देता है। क्रोध में किया गया कोई भी फैसला सही नहीं होता। यह अपने लोगों से भी दूर कर देता है।
3. लोभ (लालच)
लालच कभी भी इंसान का भला नहीं करता। प्रकृति भी हमेशा देने का काम करती है, जैसे सूरज प्रकाश देता है, नदियां जल देती हैं। लेकिन इंसान जब सिर्फ लेना चाहता है, तो वह गलत रास्तों पर चल पड़ता है – चोरी, धोखा, हिंसा जैसी चीज़ें करता है। इससे उसके पाप बढ़ते हैं और नरक का रास्ता खुल जाता है।
नोट: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और गीता के श्लोकों पर आधारित है। इसे अपनाने से पहले किसी जानकार या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।