Header Image

केदारनाथ यात्रा कैसे करें: पूरी जानकारी एक जगह

केदारनाथ यात्रा कैसे करें: पूरी जानकारी एक जगह

Last Updated Aug - 04 - 2025, 03:13 PM | Source : Fela News

केदारनाथ धाम, भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। समुद्र तल से करीब 3,583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह तीर्थ
केदारनाथ यात्रा कैसे करें
केदारनाथ यात्रा कैसे करें

केदारनाथ धाम, भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। समुद्र तल से करीब 3,583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह तीर्थ स्थल श्रद्धालुओं और ट्रेकिंग प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय है। यहां पहुंचना रोमांचक होने के साथ-साथ आध्यात्मिक अनुभव भी है। आइए जानते हैं केदारनाथ कैसे पहुंचें, इसके प्रमुख मार्ग, साधन और जरूरी जानकारी।

1. केदारनाथ जाने का सबसे नजदीकी स्थान: सोनप्रयाग और गौरीकुंड

  • केदारनाथ तक सीधी सड़क नहीं जाती। सबसे पहले आपको सोनप्रयाग तक पहुंचना होता है, जो कि केदारनाथ यात्रा का अंतिम मोटरेबल पॉइंट है। सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक लोकल टैक्सी मिलती है, और यहां से पैदल यात्रा शुरू होती है।

2. पैदल यात्रा: गौरीकुंड से केदारनाथ

कुल दूरी: 16 से 18 किलोमीटर (नई ट्रैकिंग रूट के अनुसार)

  • समय: सामान्य रूप से 6 से 10 घंटे लगते हैं
  • विकल्प: घोड़ा, खच्चर, डोली और पालकी की सुविधा उपलब्ध है
  • रजिस्ट्रेशन: यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है, जिसे आप https://registrationandtouristcare.uk.gov.in/ पर कर सकते हैं।

3. हेलीकॉप्टर सेवा: कम समय में पहुंचने का विकल्प

  • अगर आप पैदल यात्रा नहीं कर सकते या समय की कमी है तो हेलीकॉप्टर सेवा एक अच्छा विकल्प है। ये सेवाएं फाटा, सिरसी और गुप्तकाशी जैसे स्थानों से मिलती हैं।
  • बुकिंग: उत्तराखंड सरकार की वेबसाइट या आधिकारिक हेलीकॉप्टर सेवा प्रदाताओं की साइट पर की जा सकती है।
  • समय: उड़ान का समय लगभग 8-10 मिनट होता है।
  • कीमत: ₹6,000 से ₹8,000 (राउंड ट्रिप) तक हो सकती है।

4. केदारनाथ पहुंचने के मुख्य मार्ग

A. हवाई मार्ग से

  • नजदीकी एयरपोर्ट: जौलीग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून (केदारनाथ से लगभग 238 किमी दूर)
  • एयरपोर्ट से टैक्सी या बस द्वारा ऋषिकेश/गुप्तकाशी और फिर आगे की यात्रा

B. रेल मार्ग से

  • नजदीकी रेलवे स्टेशन: ऋषिकेश या हरिद्वार
  • यहां से सड़क मार्ग द्वारा सोनप्रयाग

C. सड़क मार्ग से

  • दिल्ली, हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, कोटद्वार से बस या टैक्सी उपलब्ध
  • ऋषिकेश से गुप्तकाशी, फिर सोनप्रयाग और गौरीकुंड

5. रुकने की व्यवस्था

  • गौरीकुंड, सोनप्रयाग, गुप्तकाशी और केदारनाथ में लॉज, गेस्ट हाउस और GMVN के होटल मिलते हैं।
  • यात्रा के सीजन (अप्रैल से अक्टूबर) में भीड़ अधिक रहती है, इसलिए अग्रिम बुकिंग करना बेहतर होता है।

6. यात्रा के लिए जरूरी सुझाव

  • ऊंचाई पर सांस की समस्या हो सकती है, इसलिए स्वास्थ्य जांच करवा लें।
  • गर्म कपड़े, रेनकोट, ट्रैकिंग शूज़ और जरूरी दवाइयां साथ रखें।
  • यात्रा के दौरान साफ पानी, सूखा भोजन और पावर बैंक साथ ले जाएं।
  • मौसम की जानकारी पहले से लें और यात्रा योजना उसी अनुसार बनाएं।

 

Share :

Trending this week

108 खंभों वाला रहस्यमयी मंदिर

May - 21 - 2026

भारत में मौजूद हजारों प्राचीन मंदिर अपनी रहस्यमयी कहान... Read More

तिलक लगाते समय कौन-सी उंगली सही?

May - 20 - 2026

Puja Path ke Niyam:हिंदू सनातन परंपरा में माथे पर तिलक लगाना केवल ध... Read More

भारत में कब होगी बकरीद?

May - 18 - 2026

देशभर में मुसलमानों के दूसरे सबसे बड़े त्योहार बकरीद (ई... Read More