Last Updated Mar - 06 - 2026, 05:48 PM | Source : Fela News
Kharmas 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार खरमास को अशुभ समय माना जाता है। इस अवधि में सूर्य मीन और धनु राशि में होते हैं, इसलिए नई शुरुआत, शादी या गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य टालना चाहिए।
Kharmas 2026: हिंदू धर्म में खरमास को अशुभ माना जाता है। सौर पंचांग के अनुसार यह मीन और धनु राशि के महीनों में पड़ता है। सूर्य हर महीने एक निश्चित समय पर राशि चक्र में प्रवेश करता है और महीने का नाम उस राशि के अनुसार रखा जाता है।
इस साल सूर्य मार्च में मीन राशि में प्रवेश करेगा, जो खरमास की शुरुआत का संकेत है। पंचांग के अनुसार मीन राशि में सूर्य का प्रवेश रविवार, 15 मार्च 2026, सुबह 1:08 बजे होगा। हालांकि, कुछ स्रोत इसे 14 मार्च की देर रात भी बताते हैं, इसलिए आम बोलचाल में इसे 14 मार्च की रात कहा जाता है। ऑफिशियल तौर पर, खरमास 15 मार्च से शुरू होकर 14 अप्रैल, सुबह 9:38 बजे तक चलेगा।
खरमास हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी से शुरू होकर वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी पर समाप्त होता है।
खरमास में किन कामों से बचें
खरमास के दौरान किसी भी नए काम या परियोजना की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। नए व्यवसाय, गृह प्रवेश, शादी, सगाई, मुंडन, जनेऊ, नामकरण जैसे शुभ कार्य टालने चाहिए। नए घर की नींव रखना, नई संपत्ति या वाहन खरीदना भी अशुभ माना जाता है।
खरमास में शुभ कार्य क्यों नहीं होते?
खरमास के दौरान सूर्य की गति धीमी हो जाती है। शुभ कार्यों के लिए सूर्य का उच्च स्थान जरूरी होता है, इसलिए इस अवधि में किसी भी नए या महत्वपूर्ण काम को करना अनुचित माना जाता है।
इस तरह, 15 मार्च से 14 अप्रैल तक का खरमास लोगों के लिए नए कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता।
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