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श्रीकृष्ण से पहले भी हुईं कई गीता की रचनाएँ, जानिए उनका महत्व और संदेश

श्रीकृष्ण से पहले भी हुईं कई गीता की रचनाएँ, जानिए उनका महत्व और संदेश

Last Updated Aug - 16 - 2025, 05:26 PM | Source : Fela News

गीता केवल श्रीकृष्ण तक सीमित नहीं है। इतिहास में कई गीता ग्रंथ रचे गए हैं, जिनमें जीवन, धर्म और कर्तव्य के गहरे संदेश छिपे हैं। जानिए उनका महत्व।
श्रीकृष्ण से पहले भी हुईं कई गीता की रचनाएँ
श्रीकृष्ण से पहले भी हुईं कई गीता की रचनाएँ

 

जब भी 'गीता' का नाम लिया जाता है तो सबसे पहले श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया उपदेश याद आता है। लेकिन भागवत गीता से पहले भी कई गीता रची गईं, जिनका अपना अलग महत्व है।

गणेश गीता में भगवान गणेश ने ज्ञान और भक्ति का महत्व बताया है। इसमें जीवन को संतुलन और अनुशासन के साथ जीने का संदेश मिलता है। वहीं अष्टावक्र गीता आत्मज्ञान पर आधारित है। इसमें ऋषि अष्टावक्र ने जनक को आत्मा और मोक्ष का गूढ़ ज्ञान समझाया।

व्याध गीता का संबंध एक साधारण शिकारी से है, जिसने धर्म और कर्तव्य का ज्ञान देकर यह सिद्ध किया कि सच्चा धर्म आचरण में है, पद और पहचान में नहीं।

इन गीता ग्रंथों ने भारतीय दर्शन को गहराई दी और जीवन जीने का मार्ग बताया। यही कारण है कि गीता केवल श्रीकृष्ण तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई रूपों में मानवता को दिशा देती आई है।

 

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