Fela News Lifestyle Header Banner

Pitru Paksha 2025: त्रिपिंडी श्राद्ध क्या है? कौन कर सकता है, कहां होता है और इसका महत्व जानें

Pitru Paksha 2025: त्रिपिंडी श्राद्ध क्या है? कौन कर सकता है, कहां होता है और इसका महत्व जानें

Last Updated Sep - 08 - 2025, 10:51 AM | Source : Fela News

Tripindi Shradh: जिस घर के पितर प्रसन्न रहते हैं, वहां कष्ट नहीं आता। इसलिए पितृ पक्ष में त्रिपिंडी श्राद्ध किया जाता है। जानें इसका महत्व, इसे कौन, कब और कहां
त्रिपिंडी श्राद्ध क्या है?
त्रिपिंडी श्राद्ध क्या है?

Pitru Paksha 2025,Tripindi Shradh: 8 सितंबर को पितृ पक्ष की शुरुआत प्रतिपदा तिथि से हो चुकी है। पुराणों के अनुसार देवी-देवताओं के साथ-साथ पितर भी अपने कुल की रक्षा करते हैं। इसी कारण उनकी आत्मा की शांति और आशीर्वाद पाने के लिए 16 दिन तक तिथि अनुसार श्राद्ध किए जाते हैं। ऐसा करने से घर के हर शुभ कार्य में कोई बाधा नहीं आती।

त्रिपिंडी श्राद्ध क्या है?

त्रिपिंडी श्राद्ध का मतलब है – परिवार की पिछली तीन पीढ़ियों के पूर्वजों का पिंडदान। अगर परिवार में किसी की कम उम्र, बुढ़ापे या अकाल मृत्यु हुई है तो उनकी आत्मा की शांति के लिए त्रिपिंडी श्राद्ध किया जाता है।

क्यों किया जाता है त्रिपिंडी श्राद्ध?

त्रिपिंडी श्राद्ध से उन आत्माओं को शांति और मोक्ष मिलता है जो अपने जीवन में असमय मृत्यु या अपूर्ण इच्छाओं के कारण बेचैन रहती हैं और आने वाली पीढ़ियों को कष्ट देती हैं। इस श्राद्ध से पूर्वज दोष भी दूर होता है और वंशजों को कठिनाइयों से राहत मिलती है।

पितृ पक्ष में कब करें त्रिपिंडी श्राद्ध?

त्रिपिंडी श्राद्ध पितृ पक्ष में पंचमी, अष्टमी, एकादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी या अमावस्या को किया जा सकता है।

कहां होता है त्रिपिंडी श्राद्ध?

यह श्राद्ध महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर मंदिर में किया जाता है, जो भगवान शिव का पवित्र स्थान है। यहां ब्रह्मा, विष्णु और महेश (रुद्र) की विशेष पूजा होती है।

कौन कर सकता है त्रिपिंडी श्राद्ध?

  • अविवाहित पुरुष (महिलाएं नहीं)
  • पति-पत्नी मिलकर
  • विधवा स्त्रियां

Share :

Trending this week

शिव पूजा में क्यों वर्जित है शंख?

Jun - 02 - 2026

Why No Conch in Shiv Puja: भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए भव्य अनुष्ठा... Read More

पांचवें बड़े मंगल पर चढ़ाएं ये भोग

Jun - 02 - 2026

 

Hanuman Ji favorite Bhog:ज्येष्ठ मास के बड़े मंगल को भगवान हनुमान ... Read More

12 अगस्त को दिखेगा 'रिंग ऑफ फायर'

Jun - 01 - 2026

Surya Grahan 2026:साल 2026 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगन... Read More