Last Updated Sep - 16 - 2025, 11:02 AM | Source : Fela News
Shukra Pradosh Vrat 2025: सितंबर का आखिरी प्रदोष व्रत शुक्रवार, 19 सितंबर को पड़ेगा। शुक्रवार होने की वजह से इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाएगा। आइए जानें इसकी पूज
Shukra Pradosh Vrat 2025: प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। यह व्रत हर महीने शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। यानी, महीने में दो बार प्रदोष व्रत पड़ता है।
सितंबर में खास संयोग
सितंबर 2025 में प्रदोष व्रत खास है क्योंकि इस महीने दोनों प्रदोष व्रत शुक्रवार को पड़े। पहला शुक्र प्रदोष व्रत 5 सितंबर को हुआ था और अब दूसरा शुक्र प्रदोष व्रत 19 सितंबर 2025 को रखा जाएगा।
व्रत और पूजा का समय
पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 18 सितंबर रात 11:24 बजे से शुरू होकर 19 सितंबर रात 11:36 बजे तक रहेगी। चूंकि उदयातिथि और प्रदोष काल 19 सितंबर को पड़ रहा है, इसलिए व्रत इसी दिन किया जाएगा।
पूजा का शुभ मुहूर्त – 19 सितंबर को शाम 6:21 से 8:43 बजे तक। कुल 2 घंटे 21 मिनट तक पूजा का समय रहेगा।
शुभ योग
इस दिन सिद्ध और साध्य योग भी बन रहा है। ऐसे में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होने का विश्वास है।
महत्व
हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत महत्व है। माना जाता है कि इसे करने से घर में सुख-शांति आती है। यह व्रत शादीशुदा जीवन की खुशहाली, शीघ्र विवाह और करियर में सफलता के लिए भी बहुत लाभदायक होता है।