Last Updated Apr - 07 - 2025, 03:31 PM | Source : Fela News
राम नवमी 2025 पर अयोध्या में श्रद्धा और उल्लास का भव्य संगम देखने को मिला। लाखों भक्तों ने रामलला के दर्शन कर दिव्यता और आस्था से भरा माहौल बनाया।
अयोध्या : भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव राम नवमी के पावन अवसर पर अयोध्या नगरी में श्रद्धा और भक्ति का अभूतपूर्व माहौल देखने को मिला। लाखों श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन हेतु राम जन्मभूमि मंदिर में उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे सम्पूर्ण नगर भक्तिमय हो उठा।
सूर्य तिलक समारोह:
राम नवमी के दिन दोपहर 12 बजे रामलला की मूर्ति पर सूर्य की किरणों से तिलक करने की परंपरा निभाई गई। इस दिव्य सूर्य तिलक के दौरान, सूर्य की किरणें विशेष दर्पण और लेंस की सहायता से रामलला के मस्तक पर केंद्रित की गईं, जिससे मूर्ति का मस्तक प्रकाशमान हो उठा। यह आयोजन लगभग चार मिनट तक चला, जिसमें दो से तीन मिनट तक तीव्र प्रकाश देखा गया。
संध्या आरती और दीप प्रज्वलन:
शाम के समय सरयू नदी के घाटों पर भव्य संध्या आरती का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों भक्तों ने भाग लिया। "जय श्री राम" के उद्घोष से सम्पूर्ण वातावरण गूंज उठा। इस अवसर पर 2.5 लाख से अधिक मिट्टी के दीयों से घाटों को सजाया गया, जिससे दीपोत्सव जैसा दृश्य प्रस्तुत हुआ。
विशेष भोग और प्रसाद:
मंदिर में रामलला को 56 प्रकार के भोग और प्रसाद अर्पित किए गए, जिन्हें भक्तों ने सामूहिक रूप से तैयार किया था। यह आयोजन भक्तों की सामूहिक भक्ति और समर्पण का प्रतीक बना。
सुरक्षा और सुविधाएं:
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए थे। रामपथ पर अस्थायी शिविर स्थापित किए गए और 243 स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था की गई, जिससे भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
राम नवमी 2025 के अवसर पर अयोध्या में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। लाखों भक्तों की उपस्थिति, दिव्य सूर्य तिलक, दीप प्रज्वलन और विशेष भोग ने इस पर्व को स्मरणीय बना दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक था, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा की समृद्धि को भी दर्शाता है।