Last Updated Jan - 06 - 2026, 12:28 PM | Source : Fela News
Sakat Chauth 2026: सकट चौथ का व्रत इस बार 6 जनवरी को रखा जाएगा। मान्यता है कि इस व्रत को करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सकट चौथ के दिन व्रत कथा जरूर पढ़न
सकट चौथ व्रत कथा
एक गांव में एक कुम्हार रहता था, जो मिट्टी के बहुत सुंदर बर्तन बनाता था। जब वह बर्तनों को भट्टी में पकाने गया, तो आग के बावजूद बर्तन पक नहीं रहे थे। कई बार कोशिश करने के बाद भी समस्या बनी रही। परेशान होकर कुम्हार ने राजा से मदद मांगी।
राजा ने राजपुरोहित से सलाह ली। राजपुरोहित ने अजीब सुझाव दिया कि भट्टी को तैयार करने के लिए हर बार एक बच्चे की बलि दी जाए। इसके बाद राजा ने आदेश दिया कि भट्टी जलाने के समय हर परिवार को एक बालक देना होगा। डर और मजबूरी में लोगों ने यह आदेश मानना शुरू कर दिया।
कुछ दिनों बाद एक बूढ़ी महिला की बारी आई, जिसका सिर्फ एक ही बेटा था। उसी दिन सकट चौथ का पर्व था। बेटे के बिना उसका जीवन असहाय हो जाता, लेकिन राजा का आदेश टाला नहीं जा सकता था। यह सोचकर वह बहुत दुखी और डरी हुई थी।
वह महिला सकट माता की भक्त थी। उसने अपने बेटे को सकट की सुपारी और दूब का बीड़ा दिया और कहा कि भट्टी में जाते समय माता से प्रार्थना करे। उसे पूरा विश्वास था कि सकट माता उसकी रक्षा करेंगी।
जब बच्चे को भट्टी में बैठाया गया, तो मां ने सकट माता की पूजा शुरू कर दी। भट्टी जलाई गई और उसे रात भर के लिए छोड़ दिया गया। चमत्कार यह हुआ कि जो भट्टी कई दिनों में तैयार होती थी, वह एक ही रात में पक गई।
अगले दिन जब भट्टी खोली गई, तो सभी लोग हैरान रह गए। न सिर्फ उस वृद्ध महिला का बेटा सुरक्षित था, बल्कि पहले जिन बच्चों की बलि दी गई थी, वे भी जीवित थे।
इसके बाद पूरे नगर ने सकट माता की शक्ति और करुणा को स्वीकार किया। मां और बेटे की श्रद्धा की सराहना की गई। तभी से सकट चौथ का पर्व मनाया जाने लगा। इस दिन माताएं सकट माता की पूजा कर अपनी संतान की सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना करती हैं।
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