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Shab-E-Barat 2026: शब-ए-बारात 4 फरवरी को, क्यों कहलाती है यह माफी की रात

Shab-E-Barat 2026: शब-ए-बारात 4 फरवरी को, क्यों कहलाती है यह माफी की रात

Last Updated Jan - 28 - 2026, 12:58 PM | Source : Fela news

Shab-E-Barat 2026: शब-ए-बारात शाबान महीने की 14वीं और 15वीं रात के बीच मनाई जाती है. यह 4 फरवरी 2026 को पड़ सकती है, लेकिन सही तारीख चांद देखने के बाद ही तय होग
शब-ए-बारात 4 फरवरी को
शब-ए-बारात 4 फरवरी को

Shab-E-Barat 2026 Date: शब-ए-बारात मुस्लिम समुदाय का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसका इस्लाम में खास महत्व है. इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, यह हर साल शाबान महीने की 14वीं और 15वीं रात के बीच मनाई जाती है. ग्रेगोरियन कैलेंडर में इसकी तारीख हर साल बदलती रहती है.

शब-ए-बारात 2026 की तारीख

साल 2026 में शब-ए-बारात 4 या 5 फरवरी को हो सकती है. हालांकि, सही तारीख चांद नजर आने के बाद ही तय होगी.

क्यों कहलाती है माफी की रात

इस रात को इस्लाम में तौबा और माफी की रात माना जाता है. मुस्लिम लोग विशेष नमाज पढ़ते हैं और अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं. मान्यता है कि इस रात अल्लाह दुआएं कबूल करते हैं और बंदों को माफ करते हैं.

इस दौरान पूरी रात इबादत और कुरान की तिलावत की जाती है. लोग अपने दिवंगत परिजनों की मगफिरत के लिए भी दुआ करते हैं. कई लोग कब्रिस्तान जाकर फूल चढ़ाते हैं और मोमबत्तियां जलाते हैं. कुछ लोग इस दिन नफिल रोजा भी रखते हैं.

शब-ए-बारात का महत्व

धार्मिक विद्वानों के अनुसार, शब-ए-बारात इस्लाम की चार पवित्र रातों में से एक है. ‘शब’ का मतलब रात और ‘बारात’ का मतलब गुनाहों से मुक्ति होता है. यह पर्व शाबान महीने में मनाया जाता है, जिसे इस्लाम में बहुत पवित्र माना गया है. इसके लगभग 15 दिन बाद रमजान का महीना शुरू होता है.

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