Last Updated Sep - 25 - 2025, 11:26 AM | Source : Fela News
Shardiya Navratri 2025 Day 3 Maa Chandraghanta puja: नवरात्रि 2025 में तृतीया तिथि दो दिनों तक रहेगी। ऐसे में मां चंद्रघंटा की पूजा कब करनी चाहिए और पंचांग के न
Shardiya Navratri 2025: शारदीय नवरात्रि साल का सबसे बड़ा त्योहार है, जिसमें नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा होती है। तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। मां चंद्रघंटा के माथे पर अर्धचंद्र और हाथ में घंटा होता है। इनकी पूजा से साहस, विजय और दांपत्य सुख मिलता है।
इस बार खास स्थिति बनी है क्योंकि पंचांग के अनुसार तृतीया तिथि दो दिन तक पड़ रही है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि मां चंद्रघंटा की पूजा किस दिन करनी चाहिए।
तिथि दो दिन क्यों पड़ती है?
हिंदू पंचांग में तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच कोण पर आधारित होती है। एक तिथि लगभग 23 घंटे 37 मिनट की होती है। कभी-कभी तिथि का आरंभ देर रात होता है और उसका अंत अगले दिन दोपहर में। इस कारण से तिथि दो अलग-अलग दिनों में सूर्योदय के समय आती है।
पूजा किस दिन करनी चाहिए?
धर्मग्रंथों के अनुसार जिस दिन सूर्योदय किसी तिथि में हो, वही तिथि मुख्य मानी जाती है। अगर तिथि में लगातार दो दिन सूर्योदय हो तो दोनों दिन पूजा मान्य होती है।
नवरात्रि 2025 की स्थिति
24 सितंबर 2025 की सुबह से तृतीया शुरू होगी और यह 25 सितंबर की सुबह तक चलेगी। यानी दोनों दिन सूर्योदय तृतीया में होगा। इसीलिए मां चंद्रघंटा की पूजा दोनों दिन की जा सकती है। हालांकि शास्त्रों के अनुसार पहला दिन (24 सितंबर) ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।
पूजन विधि
सुबह स्नान कर मंदिर साफ करें, कलश स्थापना करें और मां के सामने दीपक जलाएं। फूल, धूप, नैवेद्य और खीर अर्पित करें। मां का मंत्र जपें – ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः। अंत में दुर्गा चालीसा और आरती करें।
लाभ
24 सितंबर को पूजा करने से साहस, शक्ति और समृद्धि मिलेगी। 25 सितंबर को भी पूजा करने पर अतिरिक्त पुण्य और शांति का लाभ होगा।
संक्षेप में, नवरात्रि 2025 में भक्त मां चंद्रघंटा की पूजा 24 और 25 सितंबर दोनों दिन कर सकते हैं। लेकिन मुख्य पूजन 24 सितंबर को करना श्रेष्ठ माना जाएगा।