Last Updated Nov - 20 - 2025, 04:13 PM | Source : Fela News
विवाह पंचमी पर राम–सीता पूजा वैवाहिक बाधाओं को दूर कर दांपत्य जीवन में सुख और स्थिरता लाती है।
विवाह पंचमी 2025 पर राम–सीता विवाह की स्मृति में की जाने वाली विशेष पूजा को बेहद शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस दिन गृहस्थ जीवन में आ रही रुकावटें जल्दी शांत हो जाती हैं और दांपत्य सुख स्वतः बढ़ने लगता है। कई परिवार इस तिथि पर राम–सीता का समारोह रूप में पूजन करते हैं, जिसमें हल्दी, अक्षत, तुलसी और सुगंधित पुष्प का प्रयोग बेहद फलदायी माना गया है।
पंडितों के अनुसार, सुबह ब्रह्म मुहूर्त में शरीर और मन को शुद्ध करके रामचरितमानस के बालकांड का पाठ किया जाए तो वैवाहिक समस्याओं में धीरे-धीरे सुधार दिखने लगता है। कुछ लोग इस दिन सीता माँ के नाम का दीपक जलाकर मनोकामना मांगते हैं, कहा जाता है कि यह साधना मन की अशांति दूर कर स्थिरता देती है।
व्रत और पूजा के बाद दंपति या परिवार द्वारा गरीबों को भोजन और वस्त्र दान करने की परंपरा भी शुभ फल को कई गुना बढ़ा देती है। विश्वास है कि विवाह पंचमी का ये संयम और भक्ति जीवन की उस कड़ी को मजबूत कर देता है, जिसकी कमजोरी अक्सर घर में तनाव का कारण बन जाती है।
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