Last Updated Jul - 14 - 2025, 03:17 PM | Source : Fela News
आज पहला सावन सोमवार (14 जुलाई 2025) है, और इस दिन भगवान शिव की पूजा व्रत सहित करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। आइए जानें इसका महत्व:
श्रावण मास का पहला सोमवार आज है और पूरे देश में शिवभक्ति का खास माहौल है। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना गया है और इस महीने के प्रत्येक सोमवार को विशेष पूजा और व्रत का महत्व होता है। लेकिन इन सभी में पहला सोमवार सबसे खास और पुण्यदायी माना गया है।
हिंदू मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव को सृष्टि का संहारक और कल्याणकारी देव माना जाता है। श्रावण मास के दौरान ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव पृथ्वी पर निवास करते हैं और भक्तों की प्रार्थनाएं शीघ्र सुनते हैं। ऐसे में जो श्रद्धालु आज व्रत रखते हैं और सच्चे मन से शिव पूजन करते हैं, उन्हें विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
आज के दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं, शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा आदि अर्पित करते हैं और ‘ॐ नमः शिवाय’, महामृत्युंजय मंत्र या रुद्राष्टक का जाप करते हैं। साथ ही शिव चालीसा का पाठ भी किया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से मनोकामना पूर्ति, स्वास्थ्य लाभ और जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति के लिए रखा जाता है।
ऐसी मान्यता है कि यदि कोई भक्त पूरे सावन के सभी सोमवारों का व्रत नहीं रख सकता तो उसे कम से कम पहला और अंतिम सोमवार का व्रत अवश्य करना चाहिए। यह भी उतना ही फलदायी होता है और शिव कृपा प्राप्त होती है।
आज के दिन शिवभक्ति में लीन होकर व्रत रखना, सात्विक आचरण करना और विनम्रता से पूजन करना अत्यंत लाभकारी माना गया है। सावन का यह पहला सोमवार आत्मिक शुद्धि, संयम और आस्था का प्रतीक बनकर शिवभक्तों के लिए विशेष दिन है।