Last Updated Jan - 12 - 2026, 05:07 PM | Source : Fela News
रोज़ा ईद 2026 की तारीख को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है। चांद दिखने के बाद ही ईद की आधिकारिक घोषणा होगी।
रमज़ान के पवित्र महीने के बाद मनाया जाने वाला त्योहार ईद-उल-फितर, जिसे आम भाषा में रोज़ा ईद कहा जाता है, मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद खास होता है। यह त्योहार न केवल रोज़ों की समाप्ति का प्रतीक है, बल्कि भाईचारे, दान और खुशियों का संदेश भी देता है। साल 2026 में रोज़ा ईद को लेकर लोगों के मन में एक ही सवाल है कि आखिर ईद किस दिन मनाई जाएगी।
इस्लामिक कैलेंडर चंद्रमा पर आधारित होता है, इसलिए ईद की तारीख हर साल बदलती रहती है। रोज़ा ईद शव्वाल महीने (इस्लामी कैलेंडर का दसवां महीना) की पहली तारीख को मनाई जाती है और इसकी पुष्टि रमज़ान के आख़िरी रोज़ के बाद चांद दिखने पर ही होती है। इसी वजह से ईद की तारीख पहले से तय नहीं होती, बल्कि चांद देखने के बाद ही आधिकारिक घोषणा की जाती है।
खगोलविदों और कैलेंडर के अनुमानों के अनुसार, भारत में रोज़ा ईद 2026 के 20 या 21 मार्च को पड़ने की संभावना है। यदि 19 मार्च 2026 की शाम को शव्वाल का चांद दिखाई देता है, तो ईद 20 मार्च को मनाई जाएगी। वहीं अगर उस दिन चांद नजर नहीं आता है और 20 मार्च की शाम को चांद दिखता है, तो ईद 21 मार्च 2026 को होगी। अलग-अलग देशों में चांद दिखने के आधार पर ईद की तारीख एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।
ईद-उल-फितर रमज़ान के पूरे महीने की इबादत, सब्र और आत्मसंयम के बाद आती है। इस दिन सुबह ईदगाहों और मस्जिदों में ईद की नमाज़ अदा की जाती है। नमाज़ से पहले ज़कात-उल-फितर देना अनिवार्य होता है, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोग भी ईद की खुशियों में शामिल हो सकें। इसके बाद लोग एक-दूसरे से गले मिलते हैं और ईद की मुबारकबाद देते हैं।
ईद के मौके पर घरों में खास पकवान बनाए जाते हैं, जिनमें सेवइयां और शीरखुर्मा प्रमुख होते हैं। बच्चे ईदी पाने को लेकर खासे उत्साहित रहते हैं और परिवार के साथ यह दिन खुशियों में बीतता है।
कुल मिलाकर, रोज़ा ईद 2026 की सटीक तारीख चांद दिखने के बाद ही तय होगी, लेकिन फिलहाल 20 से 21 मार्च के बीच ईद मनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। यह त्योहार हर साल लोगों को आपसी प्रेम, इंसानियत और भाईचारे का संदेश देता है।