Last Updated Apr - 03 - 2025, 12:24 PM | Source : Fela News
चैत्र नवरात्रि का महापर्व चल रहा है। 3 अप्रैल 2025 को षष्ठी तिथि है, इस दिन मां कात्यायनी की पूजा होती है। इस बार अष्टमी और नवमी की तिथि में भेद है। जानें इसकी
चैत्र नवरात्रि 30 मार्च 2025 से शुरू हुई और राम नवमी 7 अप्रैल 2025 को मनाई जाएगी। यह पर्व देवी दुर्गा की आराधना के साथ ज्योतिषीय और आध्यात्मिक रूप से भी महत्वपूर्ण है।
इस बार नवरात्रि 8 दिनों की क्यों?
हर साल नवरात्रि 9 दिन मनाई जाती है, लेकिन इस बार यह 8 दिनों की होगी। ज्योतिषाचार्य पवन पाठक के अनुसार, 1 अप्रैल को तृतीया तिथि सुबह अस्तित्व में नहीं थी, जिससे तीसरे दिन की गणना नहीं होगी और नवरात्रि 8 दिनों की मानी जाएगी।
नवरात्रि का कैलेंडर 2025:
30 मार्च – प्रतिपदा
31 मार्च – द्वितीया (तृतीया का लोप)
1 अप्रैल – चतुर्थी
2 अप्रैल – पंचमी
3 अप्रैल – षष्ठी
4 अप्रैल – सप्तमी
5 अप्रैल – अष्टमी
6 अप्रैल – नवमी
अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन
कन्या पूजन 5 अप्रैल (अष्टमी) और 6 अप्रैल (नवमी) को किया जा सकता है। इस दिन हलवा, पूरी, चना का प्रसाद देना शुभ माना जाता है।
नवरात्रि और ग्रह शांति
मंगल दोष कम करने के लिए दुर्गा पूजा करें।
राहु-केतु की अशुभता दूर करने के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव को कम करने के लिए नौ दिन उपवास रखें।
महाभारत और रामायण में नवरात्रि का महत्व
अर्जुन ने युद्ध से पहले माँ दुर्गा की पूजा की थी।
श्रीराम ने रावण पर विजय के लिए नवरात्रि में माँ दुर्गा का आह्वान किया था।
नवरात्रि में देवी पूजा
प्रथम दिन: शैलपुत्री
द्वितीय दिन: ब्रह्मचारिणी
तृतीय दिन: चंद्रघंटा
चतुर्थ दिन: कूष्माण्डा
पंचम दिन: स्कंदमाता
षष्ठम दिन: कात्यायनी
सप्तम दिन: कालरात्रि
अष्टम दिन: महागौरी
नवम दिन: सिद्धिदात्री
भ्रम न करें, नवरात्रि मनाएं
यह एक वैदिक गणना के आधार पर हुआ परिवर्तन है, इसमें किसी भ्रम की जरूरत नहीं। भक्त पूरे श्रद्धा से माँ दुर्गा की उपासना करें और दिव्य ऊर्जा प्राप्त करें।