Last Updated Jun - 21 - 2025, 11:08 AM | Source : Fela News
21 जून 2025 को मनाई गई योगिनी एकादशी पर तिथि सुबह 7:18 बजे से शुरू, अगले दिन 4:27 बजे समाप्त हुई। पारण का शुभ समय 22 जून को 1:47–4:35 बजे रहा। ([indianexpress.c
हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है। यह व्रत साल की सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक मानी जाती है। इस बार योगिनी एकादशी 29 जून 2025 (रविवार) को मनाई जाएगी।
आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, इस व्रत का विशेष महत्व है क्योंकि यह न सिर्फ पापों से मुक्ति दिलाता है, बल्कि शारीरिक रोगों से भी राहत देने वाला माना गया है। साथ ही, यह व्रत विशेष पुण्य और मोक्ष प्रदान करने वाला बताया गया है।
शुभ मुहूर्त
योगिनी एकादशी तिथि प्रारंभ: 28 जून 2025 को रात 11:22 बजे
तिथि समाप्त: 29 जून 2025 को रात 9:14 बजे
व्रत पारण (अंत समय): 30 जून 2025 की सुबह 5:30 बजे से 8:15 बजे तक
पूजन विधि
1. प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प लें।
2. भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र पर पीले फूल, तुलसी और पंचामृत से पूजन करें।
3. ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।
4. दिनभर फलाहार करें और रात्रि में जागरण व भजन करें।
5. अगले दिन व्रत का पारण करके जरूरतमंदों को अन्न व वस्त्र दान करें।
धार्मिक महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, योगिनी एकादशी का व्रत करने से 84 लाख योनियों में भटकने से मुक्ति मिलती है। यह व्रत रोगों से छुटकारा और जीवन में सुख-शांति का मार्ग प्रशस्त करता है।
कहा जाता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा से इस एकादशी का व्रत करता है, उसे स्वर्ग और मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है।
योगिनी एकादशी सिर्फ एक उपवास नहीं, आत्मशुद्धि और आस्था का विशेष पर्व है।
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