Last Updated Jun - 25 - 2025, 10:46 AM | Source : Fela News
इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 371 रनों का लक्ष्य हासिल कर पहला टेस्ट मैच जीत लिया। इस जीत के साथ टीम ने टेस्ट क्रिकेट में जीत की हैट्रिक पूरी की।
पहला टेस्ट, हेडिंगली, लीड्स (20–24 जून 2025): इंग्लैंड और भारत के बीच खेले गए रोमांचक पांच दिवसीय मैच में इंग्लैंड ने तीसरे दिन से निरंतर दबाव बनाए रखा और 24 जून को बेन डकेट की शानदार शतकीय पारी के बदौलत 371 रनों का लक्ष्य पांच विकेट से हासिल कर शानदार जीत दर्ज की। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की सीरीज में 1–0 की बढ़त बनाई ।
भारत ने दूसरी पारी में पहले तो शतकों की झड़ी लगाई—केएल राहुल (137) और ऋषभ पंत (118) ने घातक साझेदारी निभाई—but tail ने रन चुराए, और टीम 364 ही बना सकी, जिसने सतह पर उम्मीदें बरकरार रखीं । इंग्लिश गेंदबाज़ों ने भी बयानबाज़ी की: जसप्रीत बुमराह पहले मुठभेड़ में पांच विकेट झटककर शानदार प्रदर्शन किया , लेकिन भारत ने crucial chances नहीं बचाए, कई कैच छोड़े—जिसका फायदा इंग्लैंड ने टीम को न्यायोचित रूप से दिलाया ।
इंग्लैंड ने दूसरी पारी का आगाज़ बेन डकेट और जैक क्रॉली की जोड़ी ने किया। दोनों ने पहले विकेट के लिए 188 रनों की साझेदारी कर इंग्लैंड को मजबूत स्थिति में पहुँचाया—यह इंग्लैंड के लिए चौथी पारी में दूसरा सबसे बड़ा ओपनिंग स्टैंड रहा । डकेट ने 149 रन की प्रभावशाली पारी खेली, जिससे विकेट प्रबंधन आसान हो गया। हालांकि शार्दुल ठाकुर ने उसे आउट किया, लेकिन फिर भी डकेट की पारी ने मील का पत्थर साबित हुई ।
मध्य पारी में भारत ने वापसी की: हैरी ब्रुक गोल्डन डक पर आउट हुए और बुमराह, ठाकुर, जडेजा ने महत्वपूर्ण विकेट निकाले—but अंततः इंग्लैंड ने जोएल रूट (अजेय 53) और जैमी स्मिथ (नॉटआउट) की शांति भरी पारियों की मदद से लक्ष्य पूरा कर लिया। स्मिथ ने मैच खत्म करने वाली छह भी लगाई ।
भारत की दो पारियों में पांच शतक_langging बोलने के बावजूद—जिसमें पहली पारी में चार और दूसरी में एक शामिल था—इनके बावजूद टीम दुर्दंट रूप से हार गई, यह टेस्ट इतिहास का अनोखा रिकॉर्ड है । इंग्लैंड का यह कमाल इस टेस्ट का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज था, जिसने एशेज सीरीज से पहले उनकी तैयारी को शानदार शुरुआती बढ़त दी है ।
अगली चुनौती: अब इंग्लैंड को अगला मुकाबला एडजबस्टन में खेलना है, जहाँ भारत बावजूद मजबूत शुरुआत की जरूरत होगी, खासकर मध्यक्रम और फील्डिंग में सुधार के साथ।