Last Updated Feb - 03 - 2026, 04:41 PM | Source : Fela News
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ मैच बहिष्कार के पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के फैसले पर पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटरों ने अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है। राजनी
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान सरकार ने 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले भारत के खिलाफ ग्रुप-स्टेज मैच में हिस्सा न लेने का निर्देश दिया है, जबकि टीम टूर्नामेंट के अन्य मैचों में भाग लेगी। इस घोषणा के बाद कई पूर्व क्रिकेटरों ने अपने विचार साझा किए हैं।
पूर्व ऑल-राउंडर शाहिद Afridi ने अपने बयान में कहा कि यह निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन सरकार के स्टैंड के साथ खड़े हैं। उन्होंने ICC से अपील की है कि वह केवल वक्तव्य देने की बजाय फैसलों के जरिए दिखाए कि वह सभी सदस्यों के प्रति निष्पक्ष है। Afridi ने कहा है कि राजनीति के बंद होने पर क्रिकेट द्वार खोल सकता है, लेकिन इस स्थिति में यह कदम सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है।
पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने इस फैसले को “कठिन पर आवश्यक” बताते हुए कहा कि सिद्धांतों को व्यावसायिक हितों से ऊपर रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत-पाक मैच क्रिकेट का सबसे बड़ा आयोजन है, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप खेल की गरिमा और गर्व को नुकसान पहुँचा रहा है।
पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने ICC की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि ICC द्वारा पाकिस्तान कीSelective participation पर विरोध जताना एक “पैनिक प्रतिक्रिया” जैसी है। लतीफ ने पुराने मुक़ाबलों का हवाला देते हुए कहा कि तब भी कई दलों ने मैचों को जीतने या छोड़ने का निर्णय लिया था, लेकिन उन्हें इसी तरह की आलोचना का सामना नहीं करना पड़ा।
इन प्रतिक्रियाओं से अलग कुछ पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने बहिष्कार कदम की आलोचना भी की है। जैसे डैनिश कनेरिया ने कहा है कि भारत के खिलाफ मैच न खेलने का कोई तार्किक कारण नहीं है और इससे पाकिस्तान क्रिकेट को खुद नुकसान होगा। कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर बताया है कि इससे यह संदेश जाएगा कि पाकिस्तान भारत से मिलने के लिए ‘डर’ रहा है।
क्रिकेट विशेषज्ञ का कहना है कि यह बहिष्कार निर्णय खेल, राजनीति और वाणिज्य के बीच जटिल संतुलन को उजागर करता है। ICC और PCB इस पर आने वाले दिनों में और स्पष्टीकरण दे सकते हैं। वहीं प्रशंसकों और विश्लेषकों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह कदम खेल के हित में है या राजनीतिक दबाव का नतीजा।
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