Last Updated Mar - 24 - 2026, 02:59 PM | Source : Fela News
आईपीएल से टक्कर लेने के लिए पीएसएल को साथ कराने का पीसीबी का फैसला उल्टा पड़ता दिख रहा है. लीग में खेलने वाले कुछ खिलाड़ी अब अपने कॉन्ट्रैक्ट से ज्यादा पैसे की मांग कर रहे हैं.
PCB Going To Ruined By Competing With BCCI: पाकिस्तान की टी ट्वेंटी लीग पीएसएल 2026 को लेकर मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने 22 मार्च को घोषणा की कि इस बार लीग सिर्फ दो स्थानों पर आयोजित की जाएगी, जबकि पहले 6 स्थान तय किए गए थे। यह फैसला पश्चिम एशिया में जारी तनाव और पेट्रोलियम संकट के कारण लिया गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएसएल में खेलने वाले कुछ विदेशी खिलाड़ी अब पाकिस्तान में खेलने के लिए अपने तय अनुबंध से अधिक पैसे की मांग कर रहे हैं। इसकी मुख्य वजह सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता बताई जा रही है। मौजूदा हालात को देखते हुए कई खिलाड़ी लीग से हट रहे हैं या दूसरी लीग्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।
सुरक्षा चिंता बनी बड़ी वजह
पीएसएल पर केवल ईंधन संकट ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय तनाव का भी असर दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के कारण विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी वजह से कई खिलाड़ी इंडियन प्रीमियर लीग की ओर रुख कर रहे हैं, जहां उन्हें बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित माहौल मिलता है।
रिपोर्ट के अनुसार, पीसीबी फिलहाल लीग को तय समय पर आयोजित कराने पर ध्यान दे रहा है। बोर्ड ने अभी तक उन खिलाड़ियों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया है, जिन्होंने निजी कारणों का हवाला देकर लीग से नाम वापस लिया या दूसरी लीग में खेलने चले गए।
कार्रवाई की तैयारी में पीसीबी
पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने साफ कहा है कि जो खिलाड़ी अनुबंध का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, यह प्रक्रिया आसान नहीं मानी जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पीसीबी इस मामले को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के सामने भी उठा सकता है, ताकि खिलाड़ियों के अनुबंध को लेकर सख्त नियम बनाए जा सकें।
अब देखना होगा कि बढ़ती चुनौतियों के बीच पीसीबी पीएसएल 2026 को सफलतापूर्वक आयोजित कर पाता है या नहीं, और खिलाड़ियों की मांगों व सुरक्षा चिंताओं का समाधान कैसे करता है।
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