Last Updated May - 21 - 2026, 12:51 PM | Source : Fela News
IPL Deepfake 2026: आईपीएल के दौरान साइबर अपराधियों ने 1,200 से अधिक डोमेन के जरिए अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म का प्रचार किया, जिसमें डीपफेक और डिजिटल तकनीक के दुरुपयोग का बड़ा खुलासा हुआ है.
आईपीएल के मौजूदा सत्र के दौरान साइबर अपराधियों के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें 1,200 से अधिक डोमेन के जरिए अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म का प्रचार किया जा रहा था. बुधवार को डिजिटल आसूचना फर्म ‘क्लाउडसेक’ की रिपोर्ट में यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई
रिपोर्ट के मुताबिक, अपराधियों ने एआई आधारित डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर भारतीय क्रिकेटरों और लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर्स के चेहरे और आवाज की नकल करते हुए फर्जी प्रमोशनल वीडियो तैयार किए. इन वीडियो को इंस्टाग्राम रील्स और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से फैलाया गया, ताकि उन्हें हटाने से पहले ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सके.
क्लाउडसेक ने खुलासा किया कि आईपीएल सीजन में 1,200 से अधिक डोमेन सक्रिय रूप से अवैध सट्टेबाजी साइट्स को बढ़ावा दे रहे थे. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एक ही एडमिन पैनल से 25 से अधिक सट्टेबाजी वेबसाइटें संचालित की जा रही थीं, जिससे इस नेटवर्क की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है.
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि मई 2025 से मई 2026 के बीच एक प्लेटफॉर्म पर 9,300 से अधिक यूजर्स के विड्रॉअल रिक्वेस्ट जानबूझकर खारिज किए गए, जिससे करीब 4.65 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. यह पूरा सिस्टम सुनियोजित तरीके से लोगों को ठगने के लिए तैयार किया गया था.
क्लाउडसेक के अनुसार, कुछ मामलों में सरकारी वेबसाइट्स को भी हैक कर उनमें अवैध सट्टेबाजी लिंक जोड़े गए, ताकि उनकी विश्वसनीयता का फायदा उठाकर लोगों को गुमराह किया जा सके. वहीं एक अन्य एडमिन पैनल से मनी म्यूल बैंक अकाउंट्स का नेटवर्क भी सामने आया, जिसका इस्तेमाल पैसे को ट्रैक होने से बचाने के लिए किया जा रहा था.
मंत्रालय से इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए संपर्क किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. यह रिपोर्ट डिजिटल सट्टेबाजी और साइबर अपराध के बढ़ते खतरे की ओर गंभीर संकेत देती है.
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