Last Updated Oct - 03 - 2025, 04:29 PM | Source : Fela News
टीम इंडिया का नंबर 3 स्थान लंबे समय से चर्चा में है। लगातार बदलाव के बावजूद स्थायी बल्लेबाज तय नहीं हो पाया। यह जगह टीम की बल्लेबाजी संतुलन के लिए बेहद अहम है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया की सबसे बड़ी चिंता नंबर 3 का स्थान बन गया है। करुण नायर के बाद अब साई सुदर्शन को मौका मिला, लेकिन वह भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। लगातार फ्लॉप प्रदर्शन ने सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या इस अहम पोज़िशन का प्रेशर युवा खिलाड़ियों से झेल पाना मुश्किल हो रहा है।
टेस्ट क्रिकेट में नंबर 3 का रोल हमेशा बेहद अहम माना जाता है। यह वह जगह है जहां बल्लेबाज को शुरुआती झटकों को रोकना भी होता है और लंबे शॉट खेलकर पारी को आगे बढ़ाना भी। राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा जैसे दिग्गजों ने सालों तक इस स्थान को संभाला और टीम को मजबूत नींव दी। लेकिन उनके बाद से यह पोज़िशन खाली-सी नजर आ रही है।
करुण नायर को लंबे समय तक मौका मिलने के बावजूद वह जगह पक्की नहीं कर पाए। अब साई सुदर्शन पर भरोसा जताया गया था, लेकिन वह भी जल्दी आउट होकर लौट गए। इससे टीम मैनेजमेंट की परेशानी और बढ़ गई है। क्रिकेट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इस पोज़िशन पर स्थिर बल्लेबाज की कमी टीम की टेस्ट रणनीति को कमजोर कर सकती है।
कुछ का कहना है कि नंबर 3 पर बल्लेबाजी के लिए सिर्फ तकनीक ही नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती भी चाहिए। क्योंकि अक्सर बल्लेबाज को नई गेंद और तेज गेंदबाजों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में दबाव झेलकर टीम को संभालना आसान नहीं होता।
टीम इंडिया के सामने अब यह बड़ी चुनौती है कि किसे इस स्लॉट के लिए तैयार किया जाए। जब तक नंबर 3 पर कोई भरोसेमंद बल्लेबाज नहीं मिलता, तब तक भारतीय टेस्ट टीम की मजबूती अधूरी ही रहेगी।